सीवान में धूमधाम से निकली भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा, हरे कृष्ण महामंत्र से भक्तिमय हुआ शहर

Author Pankaj Kumar|Edited by Vivek Ranjan
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भक्तो के भीड़ ने खींचा प्रभु का रथ, हुई पुष्प की वर्षा

-एक ही रंग के वस्त्र में श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network

सीवान के इस्कॉन मंदिर में श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई. हज़ारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भक्तिमय माहौल में भजन-कीर्तन किया. पूरे शहर में उत्साह का माहौल रहा.

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सीवान: शहर के श्रीनगर स्थित सुदर्शन चौक के इस्कॉन मंदिर से गुरुवार की संध्या भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई. रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और हरे कृष्ण महामंत्र के जयघोष के बीच भगवान श्री जगन्नाथ के रथ को खींचकर पुण्य अर्जित किया. पूरे मार्ग में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए नाचते-गाते नजर आए. रथयात्रा के स्वागत में विभिन्न स्थानों पर रंगोली बनाई गई तथा पुष्पवर्षा और आरती कर भगवान का अभिनंदन किया गया.

सुबह से ही शुरू हुई विशेष पूजा-अर्चना

रथयात्रा को लेकर इस्कॉन मंदिर में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया था. मंगल आरती और गुरु पूजा के बाद भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलदेव और बहन सुभद्रा का पंचामृत से अभिषेक कराया गया. इसके बाद भगवान को नए वस्त्र धारण कराए गए और आकर्षक श्रृंगार किया गया. विशेष आरती के साथ भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया. मंदिर में दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.

पुरी की तर्ज पर दिखा धार्मिक माहौल

रथयात्रा के दौरान पूरा शहर ओडिशा के श्री जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर भक्तिमय माहौल में रंगा नजर आया. पुरी से आई कीर्तन मंडली ने हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन प्रस्तुत किया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिरस में डूब गया. श्रद्धालु कीर्तन की धुन पर झूमते हुए भगवान के जयकारे लगाते रहे.

मंदिर प्रबंधन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा की रथयात्रा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली गई. रथ पर सबसे आगे सुदर्शन चक्र, उसके बाद भगवान बलदेव, देवी सुभद्रा और अंत में भगवान श्री जगन्नाथ की प्रतिमाएं विराजमान थीं.

शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी रथयात्रा

विशेष आरती और हरे कृष्ण महामंत्र के सामूहिक जाप के बाद भक्तों ने रथ खींचना शुरू किया. रथयात्रा इस्कॉन मंदिर से निकलकर सुदर्शन चौक, गोपालगंज मोड़, पटेल चौक, जेपी चौक, अस्पताल मोड़, बाबुनिया मोड़ सहित शहर के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः इस्कॉन मंदिर पहुंची. मंदिर पहुंचने के बाद भगवान की आरती की गई, भोग अर्पित किया गया और विश्राम के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए गए.

जगह-जगह हुआ प्रसाद और फल का वितरण

रथयात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. बंद पैकेट में प्रसाद राहगीरों और वाहनों से गुजर रहे लोगों को भी दिया गया. कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने चौक-चौराहों पर भगवान श्री जगन्नाथ की आरती उतारी तथा श्रद्धालुओं के बीच फल और प्रसाद का वितरण किया. पूरे आयोजन के दौरान शहर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.

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