ePaper

बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना चाहिए : डॉ मधुश्री

Updated at : 24 Nov 2025 6:56 PM (IST)
विज्ञापन
बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना चाहिए : डॉ मधुश्री

विद्या भारती द्वारा संचालित महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर, विजयहाता में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. लोक शिक्षा समिति, बिहार के तत्वावधान में आयोजित इस मातृशक्ति जागरण कार्यक्रम में छपरा, सीवान और गोपालगंज जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित लगभग पांच सौ महिला प्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी महावीरी विद्यालयों की महिला आचार्यों ने भाग लिया.

विज्ञापन

प्रतिनिधि,सीवान.विद्या भारती द्वारा संचालित महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर, विजयहाता में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. लोक शिक्षा समिति, बिहार के तत्वावधान में आयोजित इस मातृशक्ति जागरण कार्यक्रम में छपरा, सीवान और गोपालगंज जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित लगभग पांच सौ महिला प्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी महावीरी विद्यालयों की महिला आचार्यों ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या भारती की अखिल भारतीय मंत्री डॉ. मधुश्री संजीव साव, किसान चाची पद्मश्री राजकुमारी देवी, उत्तर-पूर्व क्षेत्र की क्षेत्रीय संयोजिका डॉ. पूजा, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा की जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं लोक शिक्षा समिति की उपाध्यक्ष डॉ. रीता कुमारी, तथा सिवान विभाग की संयोजिका आशा रंजन द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया.वंदना के उपरांत विद्यालय की हिंदी विभाग की आचार्या एवं संयोजिका सन्नी पांडेय ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया. वहीं विद्यालय की प्रधानाचार्या सिम्मी कुमारी ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों, बाल-उम्र समस्याओं तथा संस्कार संवर्धन को लेकर ‘सप्तशक्ति संगम’ की प्रासंगिकता पर विस्तृत प्रकाश डाला.मुख्य अतिथि डॉ. मधुश्री संजीव साव ने श्रीमद्भगवद्गीता का संदर्भ देते हुए हर नारी में स्थित श्री, वाक्, कृति, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा इन सात शक्तियों को जागृत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, साफ-सफाई, पौधारोपण तथा तुलसी-पूजन से जोड़ना चाहिए और मोबाइल के दुरुपयोग से बचाना आवश्यक है.डॉ. पूजा ने कार्यक्रम को विद्या भारती का राष्ट्रव्यापी अभियान बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मातृशक्ति को जागरूक, संगठित और सशक्त बनाना है, ताकि महिलाएँ अपनी सात अंतर्निहित शक्तियों को पहचानकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें.अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रीता शर्मा ने नारी सशक्तिकरण पर अपने विचार रखते हुए इतिहास की महान नारियों—झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, भगिनी निवेदिता, सावित्री बाई फुले आदि पर आधारित पहचान प्रतियोगिता का भी उल्लेख किया. कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसे उपस्थित महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया.कार्यक्रम में विभाग निरीक्षक अनिल कुमार राम, प्रचार-प्रसार विभाग के संरक्षक ललित कुमार राय, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी, सचिव प्रो. शंभू गुप्ता, सह सचिव ओम प्रकाश सिंह, कोषाध्यक्ष जीव नारायण, उपप्रधानाचार्य आशुतोष कुमार सहित जिले के सभी महावीरी विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे. मीडिया प्रभारी अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यक्रम में महिला आचार्य ज्योति कुमारी, श्रीमती आशा कुमारी, श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव, सुश्री अंकिता, सुश्री सुमन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DEEPAK MISHRA

लेखक के बारे में

By DEEPAK MISHRA

DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन