सीवान में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बढ़ा सस्पेंस, किस सीट पर बचेगी किसकी दावेदारी, जानिए कैसे होगा तय?
Published by : Sakshi kumari Updated At : 15 Jun 2026 7:06 AM
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Bihar Panchayat Elections 2026: पंचायत चुनाव 2026 में आरक्षण रोस्टर सबसे निर्णायक भूमिका निभाने वाला है. कौन उम्मीदवार मैदान में रहेगा और किसकी दावेदारी खत्म होगी, इसका फैसला अब नए रोस्टर से होगा. ऐसे में गांव की चौपाल से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हर किसी की नजर आरक्षण सूची और फाइनल गजट पर टिकी हुई है.
सीवान से सच्चेंद्र द्विवेदी की रिपोर्ट
Bihar Panchayat Elections 2026: बिहार में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. सीवान में भी सियासी सरगर्मी देखने को मिल रही है. गांव-गांव में संभावित उम्मीदवार चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि किस पंचायत की कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी. दस साल बाद होने जा रहे रोस्टर बदलाव ने दावेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. अब सभी की निगाहें आरक्षण सूची और निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं.
आरक्षण रोस्टर पर टिकी हजारों दावेदारों की नजर
पंचायत चुनाव 2026 को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी माहौल पूरी तरह बन चुका है. राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. फिलहाल आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया जारी है, जिसके कारण संभावित उम्मीदवारों और आम लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. हर पंचायत में यह चर्चा है कि कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी और किसकी चुनावी राह आसान या मुश्किल बनेगी.

10 साल बाद बदलेगा खेल
इस बार पंचायत चुनाव में सबसे बड़ा बदलाव आरक्षण रोस्टर को लेकर माना जा रहा है. पिछले दस वर्षों के बाद रोस्टर में परिवर्तन होने जा रहा है, जिससे कई पंचायतों में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं. प्रशासनिक स्तर पर नए सिरे से सीटों के आरक्षण और परिसीमन को लेकर व्यापक मंथन चल रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे ही नया रोस्टर जारी होगा, पंचायत चुनाव की वास्तविक तस्वीर साफ हो जाएगी.

पुराने आंकड़ों से तैयार हो रहा नया फार्मूला
जानकारी के अनुसार प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर आरक्षण रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. वर्ष 2006 और 2016 के पंचायत आरक्षण रोस्टर को राज्य निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है. वर्ष 2016 का रोस्टर 2011 की जनगणना के आधार पर तैयार हुआ था. अब दोनों रोस्टरों का तुलनात्मक अध्ययन कर नया आरक्षण फार्मूला तैयार किया जा रहा है.
सरकार की गाइडलाइन मिलते ही जारी होगी सूची
सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से आरक्षण संबंधी गाइडलाइन जारी होते ही सभी प्रखंडों से आरक्षण सूची मांगी जाएगी. इसके बाद जिला प्रशासन सूची को अंतिम रूप देकर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगा. आयोग की मंजूरी मिलने के बाद ही आरक्षण सूची आधिकारिक रूप से लागू होगी और उसी आधार पर पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. यही सूची तय करेगी कि किस क्षेत्र में कौन चुनाव लड़ पाएगा.
दावा-आपत्ति नहीं किया तो बाद में नहीं मिलेगी राहत
आरक्षण और परिसीमन प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति दर्ज कराने के लिए 15 जून अंतिम तिथि निर्धारित की गई है. ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और संबंधित पक्ष सोमवार तक अपनी आपत्तियां और आवेदन आधिकारिक रूप से जमा कर सकते हैं. प्राप्त सभी आवेदनों और शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटारा किया जाएगा ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे.
21 जून को हो सकता है बड़ा ऐलान
चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सभी आपत्तियों के निपटारे के बाद 21 जून 2026 को अंतिम गजट प्रकाशित किया जा सकता है. फाइनल गजट जारी होते ही पंचायत चुनाव को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लग जाएगा और उम्मीदवारों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी.
मतदान केंद्रों में होगा बड़ा बदलाव?
पंच, सरपंच, वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद पदों के चुनाव को लेकर मतदान केंद्रों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव की तुलना में इस बार मतदान केंद्रों और संवेदनशील भवनों की संख्या में बड़ा बदलाव संभव है. जनसंख्या वृद्धि और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के आधार पर कई नए बूथ बनाए जा सकते हैं.
पहली बार सभी पदों पर EVM से मतदान
इस बार पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि सभी पदों के लिए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से कराया जाएगा. राज्य में पहली बार पंचायत चुनाव पूरी तरह ईवीएम आधारित होने जा रहा है. निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं.
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By Sakshi kumari
साक्षी पत्रकारिता और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. साक्षी सीवान की रहने वाली हैं. उन्होंने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, जनसंचार और समाचार लेखन की बारीकियों का अध्ययन किया. स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद भी उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखी और वर्तमान में नौकरी के साथ-साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने दैनिक भास्कर में इंटर्नशिप के दौरान फील्ड रिपोर्टिंग, समाचार संकलन और ग्राउंड रिपोर्टिंग की व्यावहारिक समझ विकसित की. इस दौरान उन्होंने समाचारों के विभिन्न पहलुओं को नजदीक से समझा और पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से सीखा. इसके बाद उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. जहां करीब तीन वर्षों तक डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहीं. इस दौरान उन्होंने राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण खबरों पर काम किया. News4Nation में कार्यरत रहते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की विस्तृत कवरेज की. चुनावी राजनीति, मतदाताओं के व्यवहार, राजनीतिक रणनीतियों और जमीनी मुद्दों को करीब से समझने का अवसर मिला. इस अनुभव ने उन्हें राजनीतिक खबरों को अधिक सटीकता, तथ्यों और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करने की विशेषज्ञता प्रदान की. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति, प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी समझ है, जिसके अनुरूप वह खबरों को इस प्रकार तैयार करती हैं कि वे पाठकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें और खोज इंजन में बेहतर प्रदर्शन करें. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, उसकी त्वरित कवरेज और कम समय में सटीक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है. साक्षी किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं. वह विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही खबरों को प्रकाशित करती हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग में सटीकता और विश्वसनीयता बनी रहती है. न्यूजरूम में डेटा विश्लेषण, ट्रेंड मॉनिटरिंग और पाठकों की रुचि के आधार पर सर्वे एवं रिसर्च-आधारित खबरें तैयार करने में भी उन्हें बखूबी आता है. निरंतर सीखने और बदलते मीडिया परिदृश्य के साथ स्वयं को अपडेट रखने की उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक बेहतर डिजिटल पत्रकार बनने के लिए प्रेरित करती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाली साक्षी पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
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