सीवान: भगवानपुर हाट CHC में सुरक्षित मातृत्व अभियान की खुली पोल, गर्भवती महिलाओं को नहीं मिली बुनियादी सुविधाएं

फोटो : जाँच के लिये कतार में लगी महिलाएं और जमीन पर बैठी अपनी बारी का इंतजार करती महिलाएं | Prabhat Khabar Network
सीवान के भगवानपुर हाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं के जांच शिविर में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियां सामने आईं. बुनियादी सुविधाओं के अभाव में महिलाओं को जमीन पर बैठकर घंटों इंतजार करना पड़ा.
Bhagwanpur Haat CHC : सीवान जिले के भगवानपुर हाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गुरुवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित गर्भवती महिलाओं के जांच शिविर में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियां सामने आईं. अस्पताल में बैठने की व्यवस्था, पंखा और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को घंटों परेशान होना पड़ा.
Siwan News : जमीन पर बैठकर जांच की बारी का इंतजार करती रहीं गर्भवतियां
जांच शिविर के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं अस्पताल पहुंचीं, लेकिन उनके बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. मजबूरी में कई महिलाओं और उनके साथ आए परिजनों को जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा. भीषण गर्मी के बीच अस्पताल में पर्याप्त पंखों और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी नहीं थी, जिससे मरीजों की परेशानी और बढ़ गई.
ओपीडी और गर्भवती महिलाओं की एक ही लाइन, घंटों इंतजार
अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और सामान्य ओपीडी मरीजों की जांच एक ही कतार में होने से भारी भीड़ लग गई. कई महिलाओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा. भीड़ के कारण धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी रही, जिससे गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परिजनों ने चिंता जताई.
'सुरक्षित मातृत्व' के दावों पर मरीजों ने उठाए सवाल
जांच कराने आई महिलाओं और उनके परिजनों ने कहा कि सरकार सुरक्षित मातृत्व की बात करती है, लेकिन अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं. उनका कहना था कि गर्भवती महिलाओं के लिए अलग प्रतीक्षालय, अलग कतार, पर्याप्त कुर्सियां, शुद्ध पेयजल और पंखों की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े.
महिलाओं ने सुनाई अपनी परेशानी
बड़कागांव की सुभावती देवी ने बताया कि सुबह से जांच के लिए आने के बावजूद बैठने की कोई व्यवस्था नहीं थी और उन्हें काफी देर तक जमीन पर बैठना पड़ा. सुमरात खातून ने कहा कि भीषण गर्मी में घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा, जबकि अस्पताल में न पंखा चल रहा था और न ही पीने के पानी की व्यवस्था थी. सीमा कुमारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए अलग लाइन होनी चाहिए, क्योंकि भीड़ में धक्का लगने का डर बना रहता है. वहीं नीतू देवी ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मरीजों के लिए कोई समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं है.
परिजनों ने भी जताई नाराजगी
अभिभावक अख्तर हुसैन ने बताया कि अस्पताल में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बाहर से पानी खरीदना पड़ा. संदीप कुमार यादव ने कहा कि सरकार योजनाएं तो चला रही है, लेकिन अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है. ओमप्रकाश यादव ने कहा कि गर्भवती महिलाओं और सामान्य मरीजों की एक साथ जांच होने से अनावश्यक भीड़ बढ़ गई, जिससे महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा. गुलाब शाह खातून ने भी गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की.
चिकित्सा पदाधिकारी नहीं मिले, अस्पताल प्रबंधक ने दी सफाई
इस संबंध में प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह अस्पताल में मौजूद नहीं मिले. फोन पर संपर्क करने पर उनका मोबाइल लगातार व्यस्त मिला. अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि वह एक बैठक में गए हैं. वहीं अस्पताल प्रबंधक अलाउद्दीन अंसारी ने फोन पर बताया कि अस्पताल में समुचित व्यवस्था की गई थी, लेकिन अपेक्षा से अधिक मरीज आने के कारण उपलब्ध कुर्सियां कम पड़ गईं. उन्होंने कहा कि अस्पताल में जल्द ही अतिरिक्त पंखे लगाने की व्यवस्था की जाएगी. हालांकि अस्पताल में उनसे मिलने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी मौजूद नहीं मिले.
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