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22 साल बाद मतदाताओं को अब भारत के नागरिक होने का स्वयं को करना होगा सत्यापित : डीएम

Updated at : 30 Jun 2025 7:08 PM (IST)
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22 साल बाद मतदाताओं को अब भारत के नागरिक होने का स्वयं को करना होगा सत्यापित : डीएम

22 साल बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 26 जुलाई तक मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 का कार्य जिला प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर किया जा रहा है.

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शिवहर: 22 साल बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 26 जुलाई तक मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 का कार्य जिला प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर किया जा रहा है. जिसको लेकर सोमवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने समाहरणालय के संवाद कक्ष में प्रेस वार्ता आयोजित की. कहा कि जिले के मतदाताओं को अब भारत के नागरिक होने का स्वयं को सत्यापित करना होगा कि उनका जन्म भारत में ही हुआ है या नहीं, इसके लिए सभी बीएलओ द्वारा घर- घर जाकर मतदाताओं को एक गणना प्रपत्र (एन्युमरेशन फॉर्म) दिए जा रहे हैं. जो भारतीय होने का फुल प्रूफ (प्रमाण-पत्र) देना होगा. बीएलओ के सहायता के लिए काफी संख्या में वालंटियर की प्रतिनियुक्ति की गई है. और फॉर्म भरने की सहायता के लिए 2 हजार अतिरिक्त वालंटियर को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जो 2 जुलाई से फॉर्म वापस करने के लिए बीएलओ को सहायता करेंगे. कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में वर्ष 2003 की मतदाता सूची को मान्य किया गया है. साथ ही जो लोग 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच जन्म लिए है. उनको माता या पिता किसी एक का नाम किसी दस्तावेज़ की फोटोकॉपी दे सकते हैं. इसके अलावा 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लिए मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाना चाहते हैं. तो उन्हें माता एवं पिता का जन्म तिथि 2003 के मतदाता सूची में अंकित क्रमांक को दें सकते हैं. उनका प्रमाणित दस्तावेज होगा और अपने जन्म एवं तिथि के संबंध में आवश्यक दस्तावेज दें सकते हैं. उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 11 अन्य दस्तावेज जैसे जाति प्रमाण- पत्र, आवासीय प्रमाण- पत्र, आय प्रमाण- पत्र, जन्म प्रमाण- पत्र, शैक्षिक संस्थानों द्वारा निर्गत मध्यमा, इंटरमीडिएट, हाई स्कूल, एजुकेशन प्रमाण-पत्र, सरकारी कर्मियों के निर्गत पहचान- पत्र, पासपोर्ट आदि का दस्तावेज उपयोग में लाया जा सकता है.परंतु ड्राफ्ट सूची में आने के बाद यदि कोई समस्या उत्पन्न होती है.तो तकनीकी सुनवाई की जाएगी.ताकि एआरओ आपका नाम नहीं हटा सकते हैं.इस मामले में आयोग का सख्त निर्देश है कि बिना व्यक्तिगत सुनवाई के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाए.इसके लिए वर्ष 2003 के मतदाता सूची को जिला प्रशासन की वेबसाइट पर, सभी बीएलओ, सभी प्रखंड कार्यालय, सभी मतदान केन्द्र, नगर परिषद कार्यालय, सभी पंचायत सरकार भवन, सभी आंगनबाड़ी केंद्र व अन्य जगहों पर चिपकाया जाएगा.ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक होकर अपना स्वयं खोज सकें तथा उक्त मतदाता सूची में शामिल क्रमांक फॉर्म में अंकित कर सूची में नाम जुड़वा सकते हैं.मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी विजय कुमार, डीडीसी बृजेश कुमार, एडीएम मेधावी, एसडीएम अविनाश कुणाल, ओएसडी आफताब करीम, प्रभारी डीपीआरओ अनुराग कुमार रवि समेत कई मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VINAY PANDEY

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By VINAY PANDEY

VINAY PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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