पानी के लिए भटक रहे लोग, टैंकर और सबमर्सिबल भी नहीं कम कर पा रहे सुरसंड की प्यास

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फोटो-सुरसंड नगर पंचायत के वार्ड संख्या 14 में चालू सबमर्सिबल. | Prabhat Khabar Network

सुरसंड नगर पंचायत के वार्ड संख्या 14 में चालू सबमर्सिबल

सुरसंड में भूजल स्तर गिरने से भीषण पेयजल संकट खड़ा हो गया है। कई पंचायतों में नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हैं और चापाकल भी सूख गए हैं। नगर पंचायत द्वारा चलाए जा रहे टैंकर और सबमर्सिबल भी लोगों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।

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Sursand Water Crisis: सुरसंड में भूजल स्तर में अचानक आई गिरावट के बाद पेयजल संकट गहरा गया है. नगर पंचायत से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बड़ी संख्या में चापाकल सूख चुके हैं, जबकि रखरखाव के अभाव में नल-जल योजना भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं दे पा रही है. हालात ऐसे हैं कि कई जगह लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है.

सरकारी रिकॉर्ड में भले ही 90 प्रतिशत नल-जल योजना चालू होने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग बताई जा रही है.

कई पंचायतों में ठप पड़ी नल-जल योजना

वार्ड सदस्य संघ के प्रखंड अध्यक्ष सह जदयू प्रखंड अध्यक्ष मृत्युंजय नाथ ओझा ने बताया कि दिवारी मतौना पंचायत के 16 वार्ड और कोरियाही पंचायत के 15 वार्डों में केवल चार वार्डों में ही नल-जल योजना सुचारु रूप से चल रही है.

उन्होंने कहा कि डाढ़ाबारी, विररख, बघाड़ी, राधाउर, अमाना और मरुकी समेत अन्य पंचायतों में भी करीब 50 प्रतिशत नल-जल योजनाएं ही संचालित हो रही हैं.

तीन प्रखंड, लेकिन मरम्मत के लिए सिर्फ चार कारीगर

जानकारी के अनुसार, पीएचईडी ने चौधरी एंड चौधरी एजेंसी को सुरसंड, पुपरी और चोरौत तीनों प्रखंडों में नल-जल योजना की मरम्मत का जिम्मा दिया है.

बताया गया कि एजेंसी के पास फिलहाल केवल चार कारीगर हैं, जिन्हें सुरसंड प्रखंड के 206 वार्डों समेत तीन प्रखंडों की मरम्मत का कार्य संभालना पड़ रहा है. जबकि पिछले वर्ष इसी काम के लिए करीब 40 कारीगर लगाए गए थे.

एक जेई के जिम्मे दो प्रखंड

पीएचईडी विभाग ने सुरसंड में कार्यरत जेई पवन कुमार को परिहार प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप रखा है.

जेई पवन कुमार ने बताया कि दोनों प्रखंडों में जल संकट बना हुआ है और पंचायत प्रतिनिधियों के लगातार फोन आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कारीगरों की कमी के कारण 206 वार्डों में नल-जल योजना की समय पर मरम्मत कराना संभव नहीं हो पा रहा है.

पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि संवेदक की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

नगर पंचायत ने शुरू किए सबमर्सिबल और टैंकर

पेयजल संकट बढ़ने के बाद नगर पंचायत ने एक वर्ष से बंद पड़े सभी सबमर्सिबल चालू करा दिए हैं. हालांकि एनएच-227 और अन्य सड़कों के किनारे बिछी जलापूर्ति पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से लोगों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है.

स्थिति यह है कि कई परिवारों को टोटो, साइकिल और सिर पर पानी ढोकर घर ले जाना पड़ रहा है.

पाइप मरम्मत का दिया आश्वासन

नगर पंचायत की ओर से घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पांच टैंकर लगाए गए हैं, लेकिन इससे भी पूरी जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है.

नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी कुलदीप सिन्हा ने बताया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की जल्द मरम्मत कराकर नगरवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.


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विजय नारायण मिश्र

लेखक के बारे में

By विजय नारायण मिश्र

विजय वर्ष 1990 से यानी पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनके पास प्रिंट पत्रकारिता का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है. वे प्रशासनिक व क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ ब्यूरो स्तर की खबरों के प्रबंधन और गहन रिपोर्टिंग में विशेष महारत रखते हैं.

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