Sitamarhi: सीतामढ़ी की धरोहर पहुंची अंतरिक्ष तक : आइएसएस मिशन के लिए चुना गया बिहार का स्मृति चिह्न

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Sitamarhi: सीतामढ़ी की धरोहर पहुंची अंतरिक्ष तक : आइएसएस मिशन के लिए चुना गया बिहार का स्मृति चिह्न

यह स्मृति चिह्न सीतामढ़ी की मान्या व मुंगेर निवासी उनकी टीम के सदस्य रिषभ शर्मा द्वारा डिज़ाइन किया गया है.

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सीतामढ़ी. यह बिहार के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है. इसरो-नासा के संयुक्त मिशन के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आइएसएस) पर भेजे गए एक विशेष स्मृति चिह्न में बिहार की पारंपरिक पहचान को स्थान मिला है. यह स्मृति चिह्न सीतामढ़ी की मान्या व मुंगेर निवासी उनकी टीम के सदस्य रिषभ शर्मा द्वारा डिज़ाइन किया गया है. मान्या वर्तमान में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन में अध्ययनरत हैं. इस स्मृति चिह्न को अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ अंतरिक्ष में भेजा गया. इसमें बिहार की पारंपरिक सुजनी कढ़ाई का प्रयोग किया गया है. धरती पर यह कपड़ा वर्गाकार होता है, जबकि शून्य गुरुत्व में यह वृत्ताकार रूप लेता है, जो पूर्णता और ब्रह्मांडीय बिंदु का प्रतीक है. इसके किनारों पर लगे धागे ओेम की आवृत्ति को दर्शाते हैं, जो अंतरिक्ष में भी आध्यात्मिकता और भारतीयता का अनुभव कराते हैं. मान्या ने कहा कि यह केवल मेरी नहीं, बल्कि सीतामढ़ी और पूरे बिहार की सांस्कृतिक विरासत की साझी उपलब्धि है.

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राकेश कुमार राज

लेखक के बारे में

By राकेश कुमार राज

राकेश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. राकेश क्राइम रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने के लिए जाने जाते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति और दिलचस्प किस्से-कहानियों में उनकी विशेष रुचि है.

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