Sitamarhi : ओस की हो रही बारिश, नहीं निकली धूप, ठंड से बेहाल रही आम जिंदगी
Published by : RATIKANT JHA Updated At : 03 Jan 2026 6:56 PM
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पहली व दूसरी जनवरी को ठंड के बीच भी करीब चार-चार घंटे धूप खिली.
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— शनिवार का दिन भी रहा कोल्ड डे, नौ डिग्री न्यूनतम व 22 अधिकतम पारा
— आठ से भी नीचे जा सकता है न्यूनतम तापमान
— अगले एक सप्ताह ठंड से राहत की उम्मीद नहीं
सीतामढ़ी/पुपरी.
दिसंबर-2025 के अंतिम एक पखवाड़ा सर्दी का सितम झेलने के बाद जिलेवासियों को नये साल में भी हड्डी को गला देने वाली असहनीय बन चुकी ठंड से तनिक भी राहत नहीं मिल रही है. पहली व दूसरी जनवरी को ठंड के बीच भी करीब चार-चार घंटे धूप खिली, जिसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की थी, लेकिन शनिवार को एक बार फिर से ठंड ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया. बारिश की तरह ओस की बौछाड़ गिरती रही. सर्द पछुआ देख लोगों का घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हुई. लोग अलाव के पास बैठकर दिन गुजारने को मजबूर दिखे. लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या में करीब 70 फीसदी का इजाफा हुआ है. जिला कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक राकेश कुमार से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को जिले का अधिकतम 09 व न्यूनतम 22 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. रविवार को ठंड और बढ़ने के आसार हैं. डॉक्टरों ने तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सेहत होने के खतरे से आगाह किया है और जिलेवासियों से सतर्क रहने की सलाह दी है. अस्पतालों में इलाज कराने आ रहे रोगियों में वायरल फ्लू, सिरदर्द व बुखार की शिकायतें अधिक मिल रही हैं. अगले एक सप्ताह तक जिले में ठंड और बढ़ेगी. न्यूनतम तापमान आठ डिग्री से भी नीचे जाने की संभावना जतायी गयी है.— बच्चों व बुजुर्गों में वायल फ्लू, सिरदर्द व बुखार की तकलीफें बढ़ीं, सतर्कता जरूरी
डॉ मृत्युंजय कुमार व डाॅ श्रीपति झा ने बताया कि इस मौसम में बच्चों को सबसे खास देखभाल करने की जरूरत है. 10 में से आठ बच्चों में वायरल फ्लू, सर्दी-खांसी, सिरदर्द व बुखार की परेशानी आ रही है. बच्चों की त्वचा काफी संवेदनशील होती हैं. अधिक ठंड के लिए उनका शरीर उस मात्रा में गर्मी पैदा नहीं कर पाता है. इस कारण वे जल्द बीमार पड़ जाते हैं. बुजुर्गों में 90 फीसदी लोग इससे पीड़ित हो रहे हैं. रात में कमरों को गर्म रखें. बंद कमरे से अचानक बाहर न निकलें, क्योंकि रात में कमरों के अंदर व बाहर के तापमान में काफी अंतर रहता है. खासकर रजाई के अंदर शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है. जबकि, बाहर में यह तापमान नौ से 10 के बीच होता है. गर्म माहौल से अचानक से ठंडे वातावरण में निकलने से तुरंत बीमार पड़ सकते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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