sitamarhi news : जिले के पांच सौ हेक्टेयर में अब किसान करेंगे प्राकृतिक पद्धति से खेती

Published by : VINAY PANDEY Updated At : 20 May 2025 10:20 PM

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राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के तहत जिले के पांच सौ हेक्टेयर में प्राकृतिक पद्धति में अब किसान खेती करेंगे. इसके लिए कृषि विभाग के स्तर से प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी गयी हैं

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डुमरा. राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना के तहत जिले के पांच सौ हेक्टेयर में प्राकृतिक पद्धति में अब किसान खेती करेंगे. इसके लिए कृषि विभाग के स्तर से प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी गयी हैं, उम्मीद हैं कि जल्द ही इस योजना को धरातल पर उतारा जाएगा. विभाग ने जिले के सात प्रखंडों में दस क्लस्टर का चयन किया हैं. प्रत्येक क्लस्टर में 50 हेक्टेयर भूमि व 125 किसान होंगे, यानि कुल 1250 किसानों को जोड़ा जाएगा. बताते चले कि किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित व संस्थागत क्षमता का निर्माण करने के साथ-साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उक्त योजना का क्रियान्वयन किया गया हैं.

— इन गांव में क्लस्टर का हुआ चयन

प्रखंड चयनित गांव

बथनाहा मझौरा

बथनाहा भटूआडीह

सोनबरसा घुरघुरा हनुमाननगर

सुप्पी जमला परसा

रीगा कटहरी

रीगा सिमरी

बैरगनिया परसौनी

बेलसंड हसौर

रुन्नीसैदपुर सिरखिरिया

रुन्नीसैदपुर तिलक ताजपुर

— प्राकृतिक खेती से मिलने वाला लाभ

▪︎ रसायन मुक्त अनाज व सब्जियां

▪︎ रसायन नहीं डालने से बढ़ेगी मिट्टी की उर्वरा शक्ति

▪︎ बीज, खाद व दवा पर बहुत कम खर्च

▪︎ मल्चिंग व वफसा से पानी की जरूरत काफी कम

▪︎ जैव विविधता में वृद्धि के कारण बना रहता हैं संतुलन

— प्राकृतिक खेती बना समय की मांग

बताया गया हैं कि वर्तमान परिवेश में किसान व उपभोक्ता दोनों बड़ी समस्या का सामना कर रहे हैं. मिट्टी की खराब हालत, रसायन से भरी फसले, पानी की कमी, महंगा उत्पादन व गिरता स्वास्थ्य ऐसे समय में प्राकृतिक खेती ही एक समाधान बनकर उभरी हैं. इसको लेकर बथनाहा के अपना खेत बगान फाउंडेशन के द्वारा चयनित किसानों को प्राकृतिक खेती प्रमाणन पहल व ज्ञान प्रसार पर प्रशिक्षण दिया जायेगा. साथ ही उक्त योजना के कार्यान्वयन की वास्तविक समय की जियो-टैग व संदर्भित निगरानी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा. बताते चले कि प्राकृतिक खेती में मिट्टी में रासायनिक या जैविक खाद नहीं डाली जाती हैं, बल्कि मिट्टी की सतह पर ही सूक्ष्म जीव व केंचुओं द्वारा कार्बनिक पदार्थों के अपघटन को बढ़ावा दिया जाता है.

— किसानों का चयन करने निर्देश

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस योजना का क्रियान्वयन शुरू किया जाना हैं. गांव व क्लस्टर का चयन कर लिया गया हैं. किसानों का चयन के लिए संबंधित प्रखंड के बीएओ को निर्देश दिया गया है कि कृषि कर्मियों के साथ बैठक कर शीघ्र किसानों का चयन कर रिपोर्ट करें.

ब्रजेश कुमार, डीएओ

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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