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शिक्षा विभाग ने स्कूलों के निरीक्षण का पैटर्न बदला

Updated at : 10 Jun 2024 9:02 PM (IST)
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शिक्षा विभाग ने स्कूलों के निरीक्षण का पैटर्न बदला

शिक्षा विभाग के एसीएस के कड़े रूख के चलते शिक्षकों के पसीने छूट रहे है. शिक्षक/शिक्षिका की शैक्षणिक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है.

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सीतामढ़ी. शिक्षा विभाग के एसीएस के कड़े रूख के चलते शिक्षकों के पसीने छूट रहे है. शिक्षक/शिक्षिका की शैक्षणिक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है. इसके लिए अधिकारी/कर्मियों द्वारा प्रतिदिन स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है. बिना सूचना के नदारद रहने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई भी की जा रही है. इस बीच, विभाग के प्रभारी एसीएस डॉ एस सिद्धार्थ ने निरीक्षण का पैटर्न बदल दिया है. एसीएस के पत्र के आलोक में डीडीसी और डीईओ के स्तर से निरीक्षी पदाधिकारी और कर्मियों की बड़ी फौज की तैनाती की गई है. — अब तीन माह के लिए स्कूल आवंटित पत्र में प्रभारी एसीएस ने कहा है कि अब विद्यालयों के निरीक्षण का अनुश्रवण डीईओ और डीपीओ, स्थापना के साथ डीडीसी भी करेंगे. उन्होंने कहा है कि निरीक्षी पदाधिकारी/कर्मियों के बीच कम से कम 10 से 15 स्कूल आवंटित की जाए, जो सप्ताह में कम से कम एक बार जरूर निरीक्षण करेंगे. वैसे स्कूल संचालित रहने पर सप्ताह में तीन दिन निरीक्षण के लिए कहा गया है. एसीएस ने कहा है कि अनुश्रवण के दौरान अगर किसी स्कूल में कोई कमी पाई जाती है, तो इसके लिए अनुश्रवण पदाधिकारी/कर्मी जिम्मेवार माने जायेंगे. — अगले सप्ताह एसीएस करेंगे निरीक्षण एसीएस ने कहा है कि वे अनुश्रवण में पाई गई कमियों के सुधार की अगले सप्ताह समीक्षा करेंगे. निरीक्षी पदाधिकारी तबतक प्रयास करते रहेंगे, जब तक उक्त कमियां दूर न हो जाए. अगर उनके स्तर से समस्या/कमियां दूर नही होगी, तो वे उच्चाधिकारी को अवगत कराएंगे. एसीएस ने डीईओ को बेवजह व अनावश्यक पत्राचार से बचने की सलाह की दी है. प्रत्येक तीन माह पर डीडीसी अनुश्रवण करने वाले पदाधिकारियों के बीच स्कूलों का बदलाव करेंगे. यानी नया रोस्टर निर्गत करेंगे. — निरीक्षण के दौरान लेनी है जानकारी भी निरीक्षी पदाधिकारी/कर्मी सीधे निरीक्षण कर स्कूल से नही लौटेंगे, बल्कि इस दौरान अधिकारियों को एक प्रपत्र में जानकारी भी लेनी है. प्रपत्र में चार दर्जन से अधिक बिंदु है. निरीक्षी पदाधिकारी को सभी बिंदुओं पर प्रधान शिक्षक से पूछना है और भरकर विभाग को समर्पित करना सुनिश्चित करेंगे. निरीक्षण करने वाले पदाधिकारी को स्कूल का नाम, शिक्षक व बच्चों की संख्या के अनुरूप कक्ष है या नही, निर्माण कार्य की प्रगति, शौचालय की स्थिति, आईसीटी लैब, बिजली का कनेक्शन, बिजली मीटर, खेल के मैदान का हाल, एमडीएम में अंडा/मौसमी फल की स्थिति समेत अन्य बिंदुओं की जानकारी प्रपत्र में भरेंगे और समर्पित करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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