राष्ट्रीय अभियान: सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग शुरू

Published by : VINAY PANDEY Updated At : 22 Sep 2025 10:00 PM

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स्कूलों में स्वच्छता व पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) में जिले के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को भाग लेना हैं.

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डुमरा. स्कूलों में स्वच्छता व पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) में जिले के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को भाग लेना हैं. इस राष्ट्रीय अभियान के तहत सभी स्कूलों को 30 सितंबर तक एसएचवीआर पोर्टल या मोबाइल एप्प के माध्यम से स्व-मूल्यांकन करना हैं. इसके बाद संबंधित स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया जायेगा, जिसमे प्राप्त स्टार रेटिंग के आधार पर उन्हें जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया जायेगा. बताते चले कि स्कूलों के बीच स्वच्छता स्थिरता व जलवायु सचेत जिम्मेवारी को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग शुरू किया हैं. इस राष्ट्रीय अभियान में जिले के कुल 2867 विद्यालयों को भाग लेना हैं, लेकिन 20 सितंबर तक 883 स्कूलों ने स्व-मूल्यांकन किया हैं, जबकि 1445 स्कूलों ने अबतक प्रक्रिया शुरू नहीं किया हैं. इसको लेकर प्रारंभिक शिक्षा व सर्व शिक्षा अभियान प्रभाग के डीपीओ सौरभ प्रियदर्शी ने सभी बीईओ को पत्र भेज कर बताया हैं कि इस रेटिंग में शत-प्रतिशत स्कूलों को भाग लेना आवश्यक हैं. –यू-डायस के माध्यम से होगा पंजीकरण

इस राष्ट्रीय अभियान में भाग लेने के लिए स्कूलों को एसएचवीआर पोर्टल पर यू-डायस के माध्यम से पंजीकरण करना होगा, फिर पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद छह श्रेणियों में दिए गए 60 संकेतकों पर स्व-मूल्यांकन व सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण करना होगा. जिसमें स्कूल परिसर व स्वच्छता सुविधाओं का फ़ोटो अपलोड करना अनिवार्य हैं. सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्कूलों को रेटिंग प्राप्त होगा.

–क्या हैं एसएचवीआर का मुख्य उद्देश्य

▪︎ सुरक्षित पेयजल व कार्यात्मक शौचालय को सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छता को बढ़ावा देना

▪︎ ऊर्जा संरक्षण व रिसाइक्लिंग के लिए पर्यावरणीय स्थिरता को प्रोत्साहित करना

▪︎ छात्रों, शिक्षकों व समुदाय में पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं के प्रति व्यवहार परिवर्तन करना

▪︎ राष्ट्रीय शिक्षा नीति व मिशन लाइफ के अनुरूप पर्यावरण जागरूक व्यवहार को बढ़ावा देना

▪︎ स्वच्छ व हरित प्रथाओं में स्कूलों की उत्कृष्टता को पहचानना व उन्हें बढ़ावा देना

–मूल्यांकन को छह क्षेत्र निर्धारित

उप श्रेणियां अधिकतम अंक

जल 22

शौचालय 27

साबुन से हाथ धोना 14

संचालन व रख-रखाव 21

व्यवहार परिवर्तन व क्षमता निर्माण 20

मिशन लाइफ 21

–क्या कहते हैं अधिकारी

स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग में जिले के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों को भाग लेना हैं. स्कूलों को स्व-मूल्यांकन के लिए अंतिम तिथि 30 सितम्बर निर्धारित किया गया हैं. इसके लिए सभी बीईओ को निर्देश दिया गया हैं कि शत-प्रतिशत स्कूलों को भाग लेना सुनिश्चित कराये.

सौरभ प्रियदर्शी, डीपीओ एसएसए

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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