बिहार में इतने शिक्षकों पर होगी कार्रवाई, फर्जी बहाली वालों की होगी जांच, स्कूल से निकाले जाएंगे, पैसा भी नहीं मिलेगा

Edited by Paritosh Shahi
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सांकेतिक तस्वीर

Bihar Teacher:बिहार के सीतामढ़ी जिले के बथनाहा प्रखंड से 30 शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया है. राज्य अपीलीय प्राधिकार (State Appellate Authority) के अनुसार इन 30 शिक्षकों की बहाली अवैध तरीके से हुई थी. इस बहाली के लिए किसी भी तहर का विज्ञापन नहीं निकाला गया था और ना हीं किसी की भी कोई कागजी प्रक्रिया पूरी की गई थी. बीईओ को 15 दिनों के अंदर इन सभी शिक्षकों का नियोजन रद्द करने का आदेश दिया है.

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Bihar Teacher: बिहार में आए दिन शिक्षकों की बहाली में गड़बड़ी का मामला सामने आता रहता है. इसी कड़ी में अब बिहार के सीतामढ़ी जिले के बथनाहा प्रखंड से शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति का एक ताजा मामला सामने आया है. इस अवैध नियुक्ति की गड़बड़ी में एक-दो नहीं, बल्कि कई शि़क्षकों का नाम सामने आया है. इन शिक्षकों को अब विभाग से हटाने का आदेश जारी किया गया है.

30 शिक्षक कर रहे थे अवैध नियुक्ति से नौकरी

सीतामढ़ी में शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति में 30 ऐसे शिक्षकों का मामला सामने आया है, जो गलत तरीके से नौकरी कर रहे थे. इन शिक्षकों पर आरोप है कि ये सभी सेटिंग के माध्यम से बहाल हुए थे और अलग-अलग सरकारी स्कूलों में नौकरी कर रहे हैं. अब इन शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी सामने आयी है.

इन शिक्षकों की रद्द की जायेगी नियुक्ति

सीतामढ़ी के जिन शिक्षकों के खिलाफ नियुक्ति में गड़बड़ी का मामला सामने आया है, उनमें शंभू दास,मिली कुमारी, राम ईश्वर कुमार, अमित कुमार, मंसूर अंसारी, श्याम कुमार, मनीष कुमार, नूतन कुमारी, जय प्रकाश पाण्डेय, मुकेश बैठा, वीरेन्द्र कुमार, रविशंकर कुमार, शैलेन्द्र मोहन, प्रणिता कुमारी, धीरेन्द्र कुमार, दीप्ति कुमारी, रूपा कुमारी, शंभू प्रकाश कुमार गुप्ता, शिवशंकर, सुभाष कुमार, पल्लवी कुमारी, सुनीता कुमार, संतोष कुमार सिंह, सुधीर कुमार सिंह, नीतू देवी, पुष्पांजलि कुमारी, आदित्य, सौरभ, सबोध कुमार और रचना कुमारी शामिल हैं. इन सभी 30 शिक्षकों की नियुक्ति अब रद्द की जायेगी और इन्हें स्कूलों से हटाया जायेगा.

बिना विज्ञापन के हुई थी इन 30 शिक्षकों की अवैध बहाली

राज्य अपीलीय प्राधिकार के अनुसार इन 30 शिक्षकों की बहाली अवैध तरीके से हुई थी. इस बहाली के लिए किसी भी तहर का विज्ञापन नहीं निकाला गया था और ना हीं किसी की भी कोई कागजी प्रक्रिया पूरी की गई थी. जब इन शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरु हुई, तब जिला कार्यक्रम पदाधिकारी(DPO) ने सभी शिक्षकों की बहाली से जुड़ी जानकारी की मांग नियोजन इकाई से की. लेकिन नियोजन इकाई ने शिक्षकों के बारे में डीपीओ को कोई जानकारी ही नहीं दी.

डीपीओ ने इस मामले को लेकर राज्य अपीलीय प्राधिकार में अपील कर दिया. अब राज्य अपीलीय प्राधिकार ने पूरी प्रक्रिया के तहत इन सभी शिक्षकों की बहाली नहीं होने के कारण इनकी नियुक्ति को अवैध माना है और इस मामले में हुई गड़बड़ी पर ऐक्शन लेते हुए अवैध रूप से बहाल किए गए 30 शिक्षकों का नियोजन रद्द कर उन्हें हटाने का आदेश दिया है.

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डीईओ ने 15 दिन के अंदर नियोजन रद्द करने का दिया आदेश

सीतामढ़ी के डीईओ प्रमोद कुमार साहू ने इस अवैध नियुक्ति मामले पर जिले के बथनाहा प्रखंड के बीईओ को 15 दिनों के अंदर इन सभी शिक्षकों का नियोजन रद्द करने का आदेश दिया है और विभाग को सूचित करने को कहा है. विभाग के द्वारा यह आदेश जारी किया गया है कि इन सभी शिक्षकों को एक दिन का भी वेतन नहीं दिया जाये. (हर्षित कुमार)

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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