ePaper

sitamarhi: सबसे बड़े भिस्वा बाजार की टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से राजस्व को नुकसान

Updated at : 06 Apr 2025 10:50 PM (IST)
विज्ञापन
sitamarhi: सबसे बड़े भिस्वा बाजार की टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से राजस्व को नुकसान

एक करोड़ रुपए सालाना के रूप में जिले का सबसे राजस्व देने वाला परिहार प्रखंड का भिस्वा मवेशी बाजार में मंगलवार को राजस्व की वसूली नहीं हुई.

विज्ञापन

बेला/परिहार. एक करोड़ रुपए सालाना के रूप में जिले का सबसे राजस्व देने वाला परिहार प्रखंड का भिस्वा मवेशी बाजार में मंगलवार को राजस्व की वसूली नहीं हुई. जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है. हालांकि आज सैकड़ो मवेशी का खरीद फरोख्त हुआ है. मवेशी व्यापारी मो रजाउल्लाह, मो हीरा मोहम्मद लाल, इद्रीस अहमद, अफजल हुसैन व मोहम्मद नासीर ने बताया हमलोग मवेशी तो खरीद रहे हैं, लेकिन बाजार में आज कोई राजस्व वसूली हेतु रशीद काटने वाला कहीं नहीं देखा गया.

मवेशी खरीदारी के बाद ले जाने के लिए बाजार से कोई रशीद ने मिलने से हमलोग असहज महसूस कर रहे हैं, बाजार से घर तक ले जाने में भय बना हुआ है कहीं कोई प्रशासन जब्त या अन्य लोग रास्ते में रोक कर कोई अप्रिय घटना न कर दे. खैरवा पंचायत के पैक्स अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी ने बताया चालू वर्ष 2025-26 के राजस्व हाट भिस्वा मवेशी बाजार के बंदोबस्त के लिए अपर समाहर्ता सीतामढ़ी संदीप कुमार के यहां 26 मार्च को डाक में भाग लेने के लिए शामिल हुआ. जिसमे 1 करोड़ पांच हजार 700 में बंदोबस्ती किया गया.

उससे पूर्व 10.50 लाख नगद अग्रधन की राशि अंचल कार्यालय में नजारत में जमा किया था. नजारत प्राप्ति रशीद की मांग की गई तो रात्रि नौ बज आने का हवाला देते हुए अगले दिन देने की बात कही गई. वही सैरात वसूली का आदेश भी नजारत रशीद के साथ देने की बात कही गई. लेकिन आज तक नजारत रशीद व राजस्व वसूली का आदेश नहीं मिल पाया. जिससे प्रथम बाजार एक अप्रैल मंगलवार को राजस्व वसूली संभव नहीं हो सका है. जिससे बिहार सरकार को लाखों का राजस्व की क्षति हुई है.

बोले अधिकारी

भिस्वा मवेशी बाजार बंदोबस्त के लिए पूरी राशि एक साथ जमा करने पर ही बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू किया जाता है. बंदोबस्ती में शामिल होने हेतु देवेन्द्र चौधरी ने एक चेक 10.50 लाख का नजारत में जमा कराया गया है. चेक के माध्यम से पता लगाने पर खाता में कम राशि देखा गया है, इसलिए नजारत रशीद नहीं दिया जा सका है. इधर, सरकारी राजस्व कर्मचारी से राजस्व वसूली नहीं करने के संबंध में सीओ ने जानकारी दिया गया है कि पांच लाख से ज्यादा राजस्व वाले बाजार के वसूली के लिए जिला प्रशासन के आदेश के बाद ही वसूली कराया जा सकता है, आदेश प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई शुरू की जायेगी. -मोनी कुमारी, अंचलाधिकारी परिहार.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RANJEET THAKUR

लेखक के बारे में

By RANJEET THAKUR

RANJEET THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन