चयन अवैध, फिर भी सेविका कार्यरत

Published at :16 Nov 2016 2:18 AM (IST)
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चयन अवैध, फिर भी सेविका कार्यरत

धांधली. एडीएम व एसडीसी की जांच रिपोर्ट धूल फांकती रह गयी आइसीडीएस के डीपीओ के स्तर से नहीं हुई कार्रवाई 22 नवंबर को समाहरणालय के सामने आत्मदाह की धमकी सीएम को आवेदन देकर लगायी न्याय की गुहार सीतामढ़ी : सोनबरसा प्रखंड की भुतही पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-70 की सेविका रेखा कुमारी हैं. उसका चयन […]

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धांधली. एडीएम व एसडीसी की जांच रिपोर्ट धूल फांकती रह गयी

आइसीडीएस के डीपीओ के स्तर से नहीं हुई कार्रवाई
22 नवंबर को समाहरणालय के सामने आत्मदाह की धमकी
सीएम को आवेदन देकर लगायी न्याय की गुहार
सीतामढ़ी : सोनबरसा प्रखंड की भुतही पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-70 की सेविका रेखा कुमारी हैं. उसका चयन अवैध तरीके से किया गया था. जांच में खुलासा हुये कई माह बीत गये, कार्रवाई का आदेश भी दिया गया, पर कुछ नहीं हुआ. तत्कालीन एडीएम व एसडीसी की जांच रिपोर्ट संबंधित कार्यालय में धूल फांकती रह गयी.
सेविका रेखा कुमारी अब भी कार्यरत है. मामले में तत्कालीन सीडीपीओ कृष्णा सिंह को जांच अधिकारियों के अलावा खुद वर्तमान सीडीपीओ व पर्यवेक्षिका ने भी बेनकाब कर दिया था. कैसे नियमों को ताक पर रख कर रेखा कुमारी का चयन किया गया, यह सब जांच रिपोर्ट में दर्ज है.
अब जाने पूरा मामला : चयन नहीं होने पर अभ्यर्थी अफशाना प्रवीण ने डीएम के जनता दरबार में शिकायत की थी. यह बात दो जुलाई 15 की है. जांच में तत्कालीन एसडीसी सुरेश ने पाया था कि चयन से संबंधित पंजी कब और किस तिथि को तैयार की गयी, कब अनुमोदित किया गया, का पता नहीं चल सका. सर्वे पंजी में सामान्य जाति, अनुसूचित व अनुसूचित जनजाति का कोई उल्लेख नहीं किया गया था. पोषक क्षेत्र की जनसंख्या 1784 थी, लेकिन रेखा कुमारी का चयन करने के लिए तत्कालीन सीडीपीओ कृष्णा सिंह द्वारा पंजी में जनसंख्या 1184 हीं दर्शाया गया था. रिपोर्ट में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि मेधा सूची में नीचे नाम रहने के बावजूद रेखा का चयन किया गया.
उक्त सीडीपीओ द्वारा जांच में पूरा सहयोग नहीं किया गया था. एसडीसी सुरेश ने डीएम से कृष्ण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी.
वर्तमान सीडीपीओ की दलील : वर्तमान सीडीपीओ ने भी रेखा के चयन की बाबत डीएम को रिपोर्ट सौंपी थी. सर्वे पंजी तत्कालीन सीडीपीओ द्वारा सत्यापित नहीं किया गया था. इतना हीं नहीं, कृष्णा सिंह द्वारा महिला पर्यवेक्षिका पर दवाब डाल कर पंजी पर हस्ताक्षर करा लिया गया था. तत्कालीन एडीएम ने भी मामले की जांच की थी और डीएम को बताया था कि चयन से संबंधित कुछ कागजात सीडीपीओ कृष्णा सिंह द्वारा उपलब्ध कराने में असमर्थता व्यक्त की गयी है.
उन्हें जांच में पता चला था कि कृष्णा सिंह द्वारा अन्य सेविकाओं के चयन में भी काफी अनियमितता बरती गयी है. एडीएम ने डीएम से एक टीम गठित कर कृष्णा सिंह के कार्यकाल में सेविका के तमाम चयन की जांच कराने की अनुशंसा की थी.
कार्रवाई नहीं होने से अफशाना मायूस
जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के वर्षों बाद भी कार्रवाई नहीं होने से चयन से वंचित अफशाना मायूस होने के साथ हीं अंदर से आक्रोशित भी है. गत दिन उसने सीएम के निश्चय यात्रा में आवेदन देकर आगामी 21 तक कार्रवाई नही होने पर वह 22 नवंबर को समाहरणालय के सामने आत्मदाह कर लेगी. प्रभात खबर को बताया कि आइसीडीएस के डीपीओ द्वारा लगातार आठ माह तक रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. वह न्याय का गुहार लेकर जाती है, तो उसे बेइज्जत कर निकाल दिया जाता है.
वह डीपीओ के रवैया से काफी आहत है. रेखा कुमारी हाई कोर्ट चली गयी. हाई कोर्ट का हीं हवाला देकर अब डीपीओ कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं. हालांकि डीपीओ चंदन चौहान ने दुर्व्यवहार के आरोप को बेबुनियाद बताया. कहा कि, वे फाइल देखने के बाद हीं मामले को लेकर कुछ जवाब दे सकते है.
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