हैट्रिक बनानेवाले पिंटू भी धराशायी
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सीतामढ़ी : वर्ष 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगानेवाले सुनील कुमार पिंटू की हार के साथ ही पिछले 10 वर्ष से भाजपा के कब्जे में रही सीतामढ़ी विधानसभा सीट इस बार हाथ से निकल गयी. पिता स्व हरिशंकर प्रसाद के निधन के बाद पिंटू को भाजपा ने वर्ष 2005 के विधानसभा […]
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सीतामढ़ी : वर्ष 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगानेवाले सुनील कुमार पिंटू की हार के साथ ही पिछले 10 वर्ष से भाजपा के कब्जे में रही सीतामढ़ी विधानसभा सीट इस बार हाथ से निकल गयी. पिता स्व हरिशंकर प्रसाद के निधन के बाद पिंटू को भाजपा ने वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव में पहली बार प्रत्याशी बनाया था.
स्व प्रसाद वर्ष 1995 में भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गये थे. वर्ष 2005 के चुनाव में पिंटू बड़े अंतर से जीत दर्ज कर विधानसभा में दस्तक दी थी. इसके बाद तत्कालीन राजग गंठबंधन की सरकार के विधानसभा में बहुमत साबित नहीं करने पर नीतीश कुमार सरकार के गिरने के बाद पुन: चुनाव कराया गया.
फिर नवंबर 2005 में राजग गंठबंधन को अपार बहुमत मिला और पिंटू ने राजद के प्रत्याशी मो ताहिर उर्फ छोटे खान को पराजित कर सीट बरकरार रखा था. पिंटू को इसका इनाम भी मिला और वह नीतीश सरकार में पर्यटन मंत्री बनें. वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में राजग की आंधी में पिंटू ने राजद गंठबंधन के तहत लोजपा के उम्मीदवार राघवेंद्र सिंह कुशवाहा को हरा कर जीत की हैट्रिक लगा दी.
पिंटू पुन: नीतीश सरकार में मंत्री बनें. पिंटू की हार के साथ हीं सीतामढ़ी विधानसभा क्षेत्र से कायम रहा भाजपा का दबदबा खत्म हो गया. राजद के सुनील कुमार ने पूरे 10 वर्ष बाद पार्टी की इस सीट पर वापसी करायी है.
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