सड़क पर दुबारा नहीं डाली गयी मट्टिी
पथबोखरा : प्रखंड के खरका-महिसौथा मुख्य पथ को लाइफ लाइन माना जाता है. इस सड़क की स्थिति यह है कि बनने के बाद अब तक इसकी मरम्मत नहीं करायी जा सकी है. लोगों का कहना है कि करीब 50 वर्ष पूर्व सड़क बनी थी. बाद में ईंट सोलिंग तो दूर उस पर एक टोकरी मिट्टी […]
पथबोखरा : प्रखंड के खरका-महिसौथा मुख्य पथ को लाइफ लाइन माना जाता है. इस सड़क की स्थिति यह है कि बनने के बाद अब तक इसकी मरम्मत नहीं करायी जा सकी है.
लोगों का कहना है कि करीब 50 वर्ष पूर्व सड़क बनी थी. बाद में ईंट सोलिंग तो दूर उस पर एक टोकरी मिट्टी भी नहीं डाला गया. फलत: सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गये हैं. सामर, सतेर, बुधनगरा व जजुआर समेत अन्य गांवों के लोगों का उसी सड़क से आना-जाना होता है. खरका व पीएचसी में आने के लिए उक्त गांव के लोगों को 11 से 14 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है.
गड्ढे के चलते चार पहिया वाहन तो दूर, बाइक व साइकिल से भी आवागमन करना खतरा से खाली नहीं रहता है. बरसात के दिनों में एक तरह से उस सड़क पर आवागमन बंद हो जाता है. महिसौथा के कृष्ण कुमार कहते हैं कि यही सड़क एनएच-527 सी के रूप में स्वीकृत है. स्वीकृति के काफी समय बाद भी निर्माण कार्य शुरू नही कराया जा सका है.
बोखरा के शोऐब अहमद, महिसौथा के गुड्डू यादव, सतेर के अखिलेश पटेल, खड़का के मदन मोहन झा ने बताया कि सड़क का नही बनना इस क्षेत्र के लिए दुर्भाग्य की बात है. सड़क को ले उक्त लोगों ने प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह समस्या चुनाव में मुद्दा बनेगा.
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