मधेशियों को मसौदा स्वीकार नहीं : डॉ अनिल

Updated:
विज्ञापन

फोटो-14 कार्यक्रम को संबोधित करते नेपाल के पूर्व मंत्री डॉ अनिल झा — संविधान का ड्राफ्ट मधेश के अंश व वंश पर हमला– नागरिकता संबंधी कानून को खारिज करने की है मांगबैरगनिया : नेपाल सद्भावना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व उद्योग मंत्री डॉ अनिल कुमार झा ने संविधान सभा में पेश किये गये संविधान […]

विज्ञापन

फोटो-14 कार्यक्रम को संबोधित करते नेपाल के पूर्व मंत्री डॉ अनिल झा — संविधान का ड्राफ्ट मधेश के अंश व वंश पर हमला– नागरिकता संबंधी कानून को खारिज करने की है मांगबैरगनिया : नेपाल सद्भावना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व उद्योग मंत्री डॉ अनिल कुमार झा ने संविधान सभा में पेश किये गये संविधान के ड्राफ्ट पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे मधेश के अंश एवं वंश पर हमला बताया है. शनिवार को रौतहट जिले के गौर शहर में रिपोर्टर क्लब नेपाल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ‘संविधान के मसौदा एवं मधेश की राजनीति’ विषय पर बोलते हुए कहा कि संविधान सभा में प्रस्तुत किये संविधान के मसौदा के धारा 13/3 में नागरिकता संबंधी कानून को खारिज करने की मांग की गयी है. इस धारा में कहा गया है कि जिनकी शादी दूसरे देशों में हुई है, उनकी पत्नी एवं उनके संतान को अंगीकृत नागरिकता मिलेगा. वंशज नागरिकता वाले वंचित हो जायेंगे. — प्रमुख पदों पर नहीं हो सकेगी बहालीनेपाल के सभी विभागों के प्रमुख पदों पर वंशज नागरिकता प्राप्त व्यक्ति ही नियुक्त होंगे. अर्थात करीब 20 लाख ऐसी महिलाएं, जिनकी शादी भारत से नेपाल में हुई हैं, उनके संतान नेपाल के प्रमुख पदों पर बहाल होने से वंचित रह जायेंगे. इससे मधेश रह जायेगा, लेकिन मधेशी समाप्त हो जायेंगे. — प्रदेश को नहीं होगा प्रशासनिक अधिकारसंविधान के मसौदा में प्रदेश को प्रशासनिक अधिकार नहीं रह जायेगा, बल्कि वह केंद्र का माध्यम बन कर रह जायेगा. उन्होंने कहा कि मधेश की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी. संसदीय क्षेत्रों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होना चाहिए. कार्यक्रम में केंद्रीय नेता शंकर राय यादव, मनोज कुमार गिरी, पवन कुमार झा, धनंजय कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन