हादसे के बाद परसा महिंद गांव में मची चीत्कार, गम में डूबे ग्रामीण
Author Prabhat khabar digital desk
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सीतामढ़ी सदर अस्पताल से लेकर घटनास्थल तक भागते रहे लोग छाती पीट बिलख रही थीं महिलाएं, ढांढ़स बंधा रहे थे पड़ोसी चंद्रभूषण ने खोया अपना इकलौता पुत्र, सदमे में पत्नी हुई बेहोश सीतामढ़ी/सोनबरसा : चीखते-चिल्लाते लोग, हर तरफ भागम-भाग व अफरातफरी. सदर अस्पताल से लेकर बड़का पोखर तक कारुणिक विलाप. मंजर ऐसा कि देखने वालों […]
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सीतामढ़ी सदर अस्पताल से लेकर घटनास्थल तक भागते रहे लोग
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छाती पीट बिलख रही थीं महिलाएं, ढांढ़स बंधा रहे थे पड़ोसी
चंद्रभूषण ने खोया अपना इकलौता पुत्र, सदमे में पत्नी हुई बेहोश
सीतामढ़ी/सोनबरसा : चीखते-चिल्लाते लोग, हर तरफ भागम-भाग व अफरातफरी. सदर अस्पताल से लेकर बड़का पोखर तक कारुणिक विलाप. मंजर ऐसा कि देखने वालों के आंख से भी छलक जाए आंसू. सोनबरसा थाना क्षेत्र के विशनपुर गोनाही पंचायत के परसा महिंद गांव में स्नान के क्रम में एक साथ चार लोगों के डूबने से मौत के बाद चीत्कार मचा है. पूरा इलाका हादसे के बाद से गमगीन है.
सदर अस्पताल में जैसे हीं चिकित्सक ने सभी के मृत होने की घोषणा कर दी, परिजन बिलख पड़े. मृतक के घर की महिलाएं छाती पीट रही थी. किसी ने बेटा खोया, बेटी खोयी, भाई खोया, बहन खोया तो किसी ने पति व पिता.
मृतकों में 25 वर्षीय नीरज कुमार अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र था. वहीं आलोक दो भाई था. साजन दो भाई व तीन बहन में दूसरे नंबर पर थी. राम विश्वास राय तीन पुत्र का पिता था. पत्नी शनीचरी देवी व पुत्रों का रो-रोकर बुरा हाल है. चारों मृतक के घरों से निकल रही चीत्कार हादसे की व्यथा को बयां कर रही है. आस-पड़ोस के लोग मृतक के परिजन को ढांढस बंधा रहे हैं. ग्रामीण बताते हैं कि गांव-घर में इतना भयावह हादसा पहले कभी नहीं हुआ था.
कारिख महाराज की पूजा रुकी, गायब हुआ भगत
हादसे के बाद ग्रामीण जगन्नाथ भगत के घर शुक्रवार से चल रही कारिख महाराज की पूजा रुक गयी है. बताया जा रहा है कि हादसे के बाद से पूजा करा रहे भगत नवल पूर्वे घटनास्थल से ही गायब हो गये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि आखिर यह कैसा अमंगल है, जिसने एक ही पल में चार घरों को सूना कर दिया. प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि पोखर पर लगभग 200 लोगों की भीड़ जुटी थी.
भगत नवल पूर्वे के नेतृत्व में लोग पूजा के दौरान सायरा स्नान करने पोखर में गये थे. भगत के डुबकी लगाने के बाद भीड़ भी कूद पड़ी. बताया जाता है कि अत्यधिक भीड़ तथा गहरे पानी(डूब क्षेत्र) में जाने के कारण हादसा हुआ है.
ग्रामीणों ने दिखायी दिलेरी, कई को डूबने से बचाया : अगर कुछ ग्रामीणों ने दिलेरी नहीं दिखायी होती, तो हादसे में अभी कई की जान चली गयी होती. परसा महिंद के बड़का पोखर में जब ग्रामीणों का हुजूम स्नान करने उतरा तो वहां भीड़ की वजह से अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. मौके पर मौजूद ग्रामीण उत्साही युवकों को गहरे पानी में जाने से रोक भी रहे थे.
किंतु उत्साहित युवक छलांग लगाकर स्नान करने लगे. ग्रामीणों से जानकारी लेने पर यह भी मालूम चला कि मृतकों में किसी को तैरना नहीं आता था. कुछ को गांव के हीं तैराक बचाकर बाहर निकाल पाए. कहते हैं कि गांव में पहले भी पूजा व अनुष्ठान हुआ है, लेकिन इस प्रकार की यह पहली घटना है.
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