तीन दिनों तक होली की मस्ती में डूबे रहे लोग

Published at :23 Mar 2019 1:49 AM (IST)
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तीन दिनों तक होली की मस्ती में डूबे रहे लोग

शराबबंदी का दिखा असर, सड़क किनारे नशे की हालत में पड़े नहीं दिखे लोग शहर के हर एक चौक-चौराहे पर महिला व पुरुष पुलिस जवानों की थी तैनाती सीतामढ़ी : हिंदू सनातन धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक रंगों का दो दिवसीय त्योहार होली शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शांति व सौहार्दपूर्ण तरीके […]

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शराबबंदी का दिखा असर, सड़क किनारे नशे की हालत में पड़े नहीं दिखे लोग

शहर के हर एक चौक-चौराहे पर महिला व पुरुष पुलिस जवानों की थी तैनाती
सीतामढ़ी : हिंदू सनातन धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक रंगों का दो दिवसीय त्योहार होली शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शांति व सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया. हालांकि, सरकारी कैलेंडर के अनुसार होली 20 व 21 मार्च को ही थी, लेकिन होली की तिथि गुरुवार पड़ने से जिले के काफी सारे हिस्सों में शुक्रवार को भी होली मनायी गयी. इस तरह जिले में दो दिनों तक होली मनायी गयी.
दोनों ही दिन बच्चे, किशोर व युवाओं के लिए मस्ती भरा रहा. बच्चे व युवा दो दिनों तक होली की मस्ती में डूबे रहे. बच्चे व युवा सुबह से ही हाथों में पिचकारी व रंग-गुलाल लेकर अपने साथियों के साथ मस्ती करने निकल पड़े थे. हर एक व्यक्ति पर होली की अलग-अलग मस्ती चढ़ी थी. बच्चों व युवाओं की अलग-अलग टोलियां कोई कीचड़ होली खेल रहा था तो कोई कपड़ाफाड़ होली खेलने में मस्त था. कोई मैं भी चौकीदार हूं का टी-शर्ट पहनकर एक से बढ़कर एक आधुनिक पिचकारियों के साथ होली की मस्ती में डूबा था.
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में श्रद्धालु अबीर-गुलाल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की गयी. वहीं, परंपरा के अनुसार शहर से लेकर गांव-गांव में पारंपरिक होरी गीत के माध्यम से भी होली खेली गयी.
ढ़ोल, ताशे, डंफ, झाल व करताल आदि पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ नाचते-गाते व झूमते लोग विभिन्न मंदिरों में जाकर होरी गीत के साथ पारंपरिक होली मनायी. बाद में घर-घर जाकर पारंपरिक होरी गीतों के साथ होली मनायी गयी. इस दौरान होरी टोलियों में शामिल लोगों के बीच पान-सुपाड़ी का वितरण किया गया. महिलाएं एक से बढ़कर एक पकवान बनाने में मशगूल रही. मेहमानों के आने-जाने का सिलसिला चलता रहा. एक से बढ़कर एक पकवानों से मेहमानों की खातिरदारी की गयी.
शराबबंदी का सकारात्मक असर देखने को मिला. पूर्व के वर्षों की अपेक्षा इस बार की होली काफी सादगी भरी रही. शराबबंदी का ही असर है कि होली के दौरान हिंसात्मक घटनाएं न के बराकर घटी. हालांकि, सख्ती के बावजूद कुछ लोग शराब बेचने व पीने की कोशिश की.
पुलिस ने कई लोगों को नशे की हालत में व शराब की बोतलों के साथ धर भी दबोचा. होली को शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्था की गयी थी. शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस पदाधिकारियों समेत महिला व पुरुष पुलिस जवानों की तैनाती की गयी थी. कुल मिलाकर साल दर साल होली का रंग बदलता जा रहा है. हुड़दंग होली की जगह अब सादगी वाली होली लेती जा रही है.
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