कानून का खौफ भूल गये कारोबारी

Updated at : 17 Jan 2017 4:00 AM (IST)
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कानून का खौफ भूल गये कारोबारी

शेखपुरा : जिले में पहाड़ी भूखंड पर वर्चस्व को लेकर अपराधिक घटनाओं से लेकर हथियार का प्रदर्शन कोइ नई बात नहीं है. जिले में बरूई के चर्चित कारगिल पहाड़ी का मामला भले ही भूखंडों में उत्खनन समापन के साथ शांत हो गया. लेकिन अब यही बर्चस्व का नजारा अब सुदासपुर के पहाड़ी भूखंडों में देखने […]

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शेखपुरा : जिले में पहाड़ी भूखंड पर वर्चस्व को लेकर अपराधिक घटनाओं से लेकर हथियार का प्रदर्शन कोइ नई बात नहीं है. जिले में बरूई के चर्चित कारगिल पहाड़ी का मामला भले ही भूखंडों में उत्खनन समापन के साथ शांत हो गया. लेकिन अब यही बर्चस्व का नजारा अब सुदासपुर के पहाड़ी भूखंडों में देखने को मिल रहा है.

सदर प्रखंड के सुदास पुर मौजा में स्थापित सिवान के सिंह नर्सिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी के पहाड़ी भूखंड ऐसे तो व्यवसायिक दृष्टिकोण से दो खंडों में विभक्त है. लेकिन इस भूखंड का दूसरा हिस्सा शुरू से ही विवादों को लेकर चर्चा का विषय बना रहा. मंगलवार को जिस प्रकार वर्चस्व को लेकर इन कारोबारियों ने हथियार के बल पर अपने ताकत का एहसास कराने की कोशिश की उसने जिले की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. इस पहाड़ी भूखंड को लेकर अगर जानकारों की माने तो इसमें दूसरे हिस्से में करिहो गांव निवासी भोली मुखिया और घोसवरी प्रमुख मिट्ठू यादव के अलावा कई हिस्सेदार भी अपना कारोबार चला रहे हैं.

पिछले कई माह से दोनों हिस्सेदारों के बीच हिसाब को लेकर विवाद चल रहा था. इसी दरमियान दोनों गुट एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए. इस घटना को लेकर जानकारों की माने तो वर्चस्व के खेल में पर्दे के पीछे मुखिया का पार्टनर गुरु जी हिस्सेदारों मैं फूट डालने का इरादा रखते है. इस खेल में पार्टनर गुरूजी की मनसा उक्त पहाड़ी भूखंड पर एकछत्र राज कायम करने का बताया जाता है. पिछले दिनों पहाड़ी भूखंडों की बंदोबस्ती से लेकर व्यवसाय को खड़ा करने में जो परिस्थितियां बनी उसमें मजबूरी के साझेदारी तो बन गए लेकिन मोटी कमाई में हिस्सेदार इस शख्स हो को ना गवारा गुजर रहा है. स्थानीय होने का लाभ उठाते हुए इस शख्स ने कुछ ऐसी परिस्थिति खड़ी कर दी की पहाड़ी भूखंड में पत्थर उद्योग स्थापित करने के इस बड़े कारोबार में जुटे कारोबारियों के अंदर हिस्सेदारी में हो रहे गड़बड़ी की बड़ी गलतफहमी पैदा हो गई. कारोबार में एक दूसरे को बेईमान ठहरा रहे दोनों गुट ने मंगलवार को जिस तरह खुलेआम हथियारों के बल पर वर्चस्व कायम करने के लिए कानून व्यवस्था को अन्देखा करने का काम किया है. इस परिस्थिति ने ना सिर्फ जिले के पहाड़ी भूखंड में पत्थर उद्योग चला रहे बड़ी कंपनियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं. बल्कि वर्चस्व की लड़ाई में एक बार फिर हथियार के बल पर अपना दबदबा कायम करने की परंपरा कि शुरुआत कर दी है. मंगलवार को सुदासपुर पहाड़ी के ब्लॉक नंबर 7 में हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना के बाद टाउन थानाध्यक्ष संतोष कुमार के बयान पर कारोबार और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़े भोली मुखिया और मिट्ठू प्रमुख गुट के पंद्रह लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस के इस कार्यवाही में प्रमुख के स्कारपियो वाहन को भी जप्त कर लिया गया है. इस घटना के बाद फिलहाल उक्त पहाड़ी भूखंड में पत्थर उत्खनन का कार्य ठप हो गया है. वही गोलीबारी की घटना के बाद इस मामले में शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस रणनीति के तहत अपना काम कर रही है.

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