हस्तचालित निकौनी यंत्र से मिल रहा लाभ
Updated at : 05 Mar 2017 1:36 AM (IST)
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शिवहर : कृषि विज्ञान केंद्र शिवहर ने हस्तचालित निकौनी यंत्र ग्रवर तैयार किया है. जो किसानों के लिए वरदान साबित होगा.इससे न केवल मजदूरों की संख्या बल की बचत होगी. बल्कि समय व निकौनी पर खर्च की जाने वाली राशि की बचत होगी. कृषि विज्ञान केंद्र के इंजीनियर रेयाज अहमद द्वारा तैयार किये गये इस […]
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शिवहर : कृषि विज्ञान केंद्र शिवहर ने हस्तचालित निकौनी यंत्र ग्रवर तैयार किया है. जो किसानों के लिए वरदान साबित होगा.इससे न केवल मजदूरों की संख्या बल की बचत होगी. बल्कि समय व निकौनी पर खर्च की जाने वाली राशि की बचत होगी.
कृषि विज्ञान केंद्र के इंजीनियर रेयाज अहमद द्वारा तैयार किये गये इस यंत्र से एक मजदूर छह कट्ठा खेत की निकौनी कर सकता है. जबकि आम तौर पर खुरपी से एक मजदूर एक दिन में दस धूर खेत की ही निकौनी कर सकता है. उक्त जानकारी देते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक डॉ रामनिवास सिंह व शस्य वैज्ञानिक डॉ साजिद हुसैन ने बताया कि इससे पौधा पर मिट्टी चढ़ाने की समस्या से निजात मिलती है.
खर पतवार पर नियंत्रण के साथ पौधा पर मिट्टी चढ़ाने की समस्या भी एक साथ हल हो जाती है. इसकी कीमत शिवहर के बाजार में 250 से 300 सौ रुपये तक है. हालांकि सभी लोगों से इस कृषि यंत्र का फिलहाल निर्माण संभव नहीं है. कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण के तहत जिले के करीब 125 किसानों के बीच इसका वितरण किया गया है.
किसान की बढ़ती मांग पर इसको उपलब्ध कराया जा रहा है. किसानों की माने तो भोपाल में इस तरह के यंत्र मिलते है. किंंतु कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा उपलब्ध कराया गया हस्तचालित निकौनी यंत्र उत्तम है. कहा कि इस यंत्र से मक्का, सब्जी, गन्ना में सानी से निकौनी संभव है. कारण कि उक्त फसलें एक लाइनिंग के तहत लगायी जाती है.
चिमनी के पास आम के बगीचा वाले किसान रहे सचेत
आम का बगीचा अगर ईंट के चिमनी के पास है तो किसानों को आम के बगीचा पर मंजर आने के बाद से ही ध्यान रखना चाहिए. कारण कि चिमनी से निकलने वाले सल्फर डाई अॉक्साइड आम के फल के लिए नुकसान देह है. आम का फल फटने की शिकायत ऐसे बगीचों में रहती है. समय पर संबंधित दवा के छिड़काव से आम के फल को बचाया जा सकता है. इसके लिए कृषि वैज्ञानिक से संपर्क कर दवा की जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
क्रॉप कैफेटेरिया में ओ एफ टी की सुविधा: कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र में क्रॉफ कैफेटेरिया है. जहां किसान ओएफटी का लाभ उठा सकते हैं. ऑन फ्रंट ट्रायल द्वारा किसान मन पसंद प्रभोद का चयन कर सकते है. शिवहर क्रॉप कैफेटेरिया में गेहूं के पांच प्रभोद, मसूर के आठ प्रभेद, मटर के आठ व चना के आठ प्रभोद को लगाया गया है. जहां किसान खेतों के लिए उपयुक्त व उचित प्रभेद का चयन कर सकते हैं.
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