खानापूर्ति तक सिमटी मिनी जलापूर्ति योजना
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Apr 2018 8:41 AM
शिवहर : एक ओर सरकार हर घर नल का जल पहुंचाने के लिए लगातार प्रयत्नशील है, किंतु विभागीय उदासीनता के कारण जलापूर्ति की योजनाएं महज खानापूर्ति तक सिमट कर रह गयी है.नल जल की मिनी जलापूर्ति योजना पर भले ही सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही हो. किंतु धरातल पर योजना उद्देश्य से भटकता […]
शिवहर : एक ओर सरकार हर घर नल का जल पहुंचाने के लिए लगातार प्रयत्नशील है, किंतु विभागीय उदासीनता के कारण जलापूर्ति की योजनाएं महज खानापूर्ति तक सिमट कर रह गयी है.नल जल की मिनी जलापूर्ति योजना पर भले ही सरकार पानी की तरह पैसा बहा रही हो. किंतु धरातल पर योजना उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है. जिले के तरियानी प्रखंड स्थित अटकोनी पंचायत में अनदेखी के कारण लोग नल के जल का लाभ नहीं ले पा रहे हैं.
दरअसल मिनी जलापूर्ति योजना के तहत पीएचइडी विभाग के द्वारा योजना की शुरुआत की गयी.इसी क्रम में पंचायत में वार्ड 1, 2, 3 व 4 नल लगाया गया, लेकिन वर्तमान स्थिति में ज्यादातर नल में नल बंद करने का साधन नहीं होने के कारण पानी की बर्बादी हो रही है. वही पंचायत में नल तो लगा दिया गया, लेकिन नाली के निर्माण नहीं होने से पानी के आपूर्ति के समय गांव का मुख्य सड़क जलमग्न रहता है.
स्वच्छ जल की आपूर्ति नहीं होने से लोग नल का जल उपयोग करने से भी कतराने लगे हैं. ऐसे में लाखों खर्च के बाद भी सरकार की योजना सवाल के घेरे में है. इतना ही लोगों का कहना है नल केवल मुख्य सड़क पर लगाया गया. स्थिति देखकर सहज ही कहा जा सकता है पंचायत में जलापूर्ति योजना की महज खानापूर्ति की गयी है व सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया गया है. हालांकि इस योजना के निर्माण कार्य में पूर्व से लगी विश्वा इंफास्ट्रक्चर कंपनी पर 63.64 लाख का सर्टिफिकेट केस दर्ज किया गया है. वर्तमान में मेसर्स राजीव कुमार को कार्य आवंटित किया गया है.
कहते हैं विभागीय अभियंता
कार्यपालक अभियंता पीएचडी मनीष कुमार एवं एसडीओ धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि विश्वा इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को वित्तीय वर्ष 2011-12 में कार्य आवंटित किया गया. परंतु उनके द्वारा स समय कार्य पूरा नहीं करने के कारण विभाग द्वारा उन पर कार्रवाई किया गया. तत्पश्चात उनके अधूरे कार्य को पूर्ण करने हेतु पुन: निविदा की गयी. वर्ष 2015-16 में कार्य को मेसर्स राजीव कुमार को आवंटित हुआ. उसके बाद कार्य प्रगति पर है. मिनी जलापूर्ति योजना की स्थिति ट्रायल एवं रन में चालू है. उन्होंने बताया विश्वा इंफास्ट्रक्चर लिमिटेड पर 63.64 लाख का सर्टिफिकेट केश भी किया गया है. कार्यपालक अभियंता का कहना है कि उन्होंने योजना का निरीक्षण किया है.
कार्यपालक अभियंता समेत उद्यान पदाधिकारी से जवाब-तलब
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में प्रभारी डीएम मो वारिस खान की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया.इस दौरान बैठक में अनुपस्थित रहने के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने आरडब्लूडी,पीएचइडी, लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता व जिला उद्यान पदाधिकारी से जवाब-तलब किया है. डीएम के इस कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप रहा. इस दौरान डीएम ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को न्यायमित्र व सचिव की बहाली की अग्रेतर प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया. कहा कि हर हाल में अप्रैल माह के अंत तक बहाली की प्रक्रिया पूरी करना सुनिश्चित करें.
बैठक में आइसीडीएस के समीक्षा के क्रम में डीएम ने जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची एक सप्ताह के अंदर में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण कराया जा सके. बैठक में राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक को डीएम ने निर्देश दिया कि 20 अप्रैल तक हर हाल में खाद्यान्न का उठाव व वितरण सुनिश्चित करें, अन्यथा कार्रवाई तय है. वही सभी सीओ को निर्देश दिया कि बेदखली मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करें. इस दौरान पशुपालन विभाग के समीक्षा के क्रम में डीएम ने गव्य विकास योजना की समीक्षा की. इस दौरान प्राप्त आवेदन व लंबित आवेदनों का निष्पादन एलडीएम व बैंक से समन्वय स्थापित कर करने का निर्देश जिला पशुपालन पदाधिकारी को दिया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










