रोहतास: सावन की दूसरी सोमवारी पर हर-हर महादेव से गूंजे सूर्यपुरा के शिवालय, जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
शिवालय में पूजा करते श्रद्धालु
सावन की दूसरी सोमवारी पर रोहतास के सूर्यपुरा क्षेत्र में स्थित शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.
Sasaram Sawan Somwar: सावन की दूसरी सोमवारी पर सोमवार को प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न शिवालय हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठे. सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी. महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की.
सूर्यपुरा के बलिहार स्थित बाबा बंगालनाथ मंदिर समेत अन्य शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं. भक्तों ने भगवान शिव को गंगाजल, दूध, बिल्वपत्र, शमी पत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की. मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा. श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए पूजा-अर्चना करते नजर आए.
बिल्वपत्र और शमी पत्र का विशेष महत्व
आचार्य संतोष पांडेय ने बताया कि भगवान शिव को बिल्वपत्र और शमी पत्र अत्यंत प्रिय हैं. शास्त्रों में बिल्वपत्र का विशेष महत्व बताया गया है. सामान्यतः एक बिल्वपत्र में तीन पत्तियां होती हैं, जिन्हें ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक माना जाता है. उन्होंने कहा कि श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
शिव पूजा में तुलसी अर्पित करना निषिद्ध
आचार्य ने बताया कि तुलसी को अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन भगवान शिव की पूजा में तुलसी अर्पित नहीं की जाती. धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने तुलसी के पति असुर जालंधर का वध किया था. इसी कारण शिव पूजा में तुलसी चढ़ाना निषिद्ध माना जाता है. वहीं, बिल्वपत्र और शमी पत्र अर्पित करने का विशेष विधान है, जिसका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों में मिलता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










