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15 जून तक ही बालू खनन, स्टॉक करने की मची होड़

Updated at : 10 Jun 2024 11:02 PM (IST)
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15 जून तक ही बालू खनन, स्टॉक करने की मची होड़

15 जून से कच्छवां और नासरीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पडुरी से कच्छवां तक संचालित छह बालू घाटों पर एनजीटी के आदेश पर सोन नदी से बालू उठाव पर पूर्ण रूप से रोक लग जायेगी.

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नासरीगंज. 15 जून से कच्छवां और नासरीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पडुरी से कच्छवां तक संचालित छह बालू घाटों पर एनजीटी के आदेश पर सोन नदी से बालू उठाव पर पूर्ण रूप से रोक लग जायेगी. जो 15 अक्तूबर तक जारी रहेगी. इसके कारण चार महीने तक निर्माण कार्य प्रभावित होंगे और काम की तलाश में मजदूर दूसरे राज्यों में पलायन को विवश हो जायेंगे. बालू घाट चलने से कई मजदूरों को रोजगार मिला हुआ था, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण हो रहा था. बालू घाट चार महीने तक बंद हो जाने से मजदूरों के ऊपर संकट के बादल छा जायेंगे. मौसम विभाग ने 14 जून से माॅनसून प्रवेश की संभावना जताई है. माॅनसून प्रवेश की सूचना पर घाट संचालक पूरी तरह सतर्क व सक्रिय हो गये हैं. घाट संचालकों के द्वारा माॅनसून से पूर्व घाटों पर बालू स्टॉक करने की होड़ मची हुई है. ऐसे में सरकार के आदेश के बाद बालू के स्टॉक करने को लेकर घाट संचालक दिन और रात मेहनत कर रहे हैं.

तीन सौ मीटर के दायरे में कर सकते हैं स्टॉक

सरकार के द्वारा दिये गये आदेश के आलोक में यह कहा गया है कि सभी घाट संचालक अपने बालू घाट से 300 मीटर के दायरे में ही बालू स्टॉक कर सकते हैं. इसको लेकर नासरीगंज व कच्छवां थाना क्षेत्र के पडुरी से लेकर कच्छवां तक बालू घाट संचालकों में बालू स्टॉक करने को लेकर होड़ मची हुई है. लगातार सुबह से लेकर देर रात तक बालू स्टॉक का कार्य किया जा रहा है. पडुरी से लेकर कच्छवां तक छह बालू घाट हैं. इनके संचालक बालू का स्टॉक करने को लेकर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. ऐसे में बरसात के मौसम में सोन नदी से बालू खनन करना काफी मुश्किल कार्य हो जाता है. इसको लेकर सरकार ने यह आदेश पारित किया है कि आगामी 15 जून तक ही सभी बालू घाटों से बालू खनन किया जायेगा. इसके बाद सिर्फ बालू की स्टॉक मात्रा ही बेची और खरीदी जा सकती है. बालू स्टॉक करने के बाद घाट संचालक काफी ज्यादा रकम लेकर बालू की ढुलाई करते हैं. इसके कारण बालू की कीमत काफी ज्यादा बढ़ जाती है. इससे घर बनाने वाले लोगों को काफी महंगे दामों पर बालू की खरीदारी करनी पड़ती है.

15 अक्तूबर तक बालू खनन नहीं होगा

बरसात के मौसम में सोन नदी में पानी ज्यादा हो जाता है. इसके कारण बालू की निकासी करना काफी मुश्किल कार्य है. इसको लेकर अभी से ही घाट संचालक बालू को इकट्ठा करने में जुट गये हैं. सीओ अंचला कुमारी ने बताया कि 15 जून से नासरीगंज व कच्छवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत पडूरी से कच्छवां तक संचालित छह घाटों पर एनजीटी के आदेश पर सोन नदी से बालू उठाव पर पूर्णरूप से रोक लग जायेगी, जो 15 अक्तूबर तक जारी रहेगी. इन सभी घाट के संचालकों को अपने घाट से तीन सौ मीटर के दायरे तक ही बालू को स्टॉक करना है. तीन सौ मीटर से अधिक दायरे में स्टॉक करने वाले घाट संचालकों पर कार्रवाई की जायेगी. घाट संचालक जितना चाहे उतना बालू स्टॉक कर सकते हैं. कोई निर्धारित नही है कि कितना बालू का स्टॉक करना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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