Sasaram News: स्कूल के पुराने हिस्से को हटाए जाने पर हुआ विवाद, लोगों ने की जांच की मांग
Published by : kumarsuryakant Updated At : 14 May 2026 2:46 PM
जर्जर पड़ा स्कूल
Sasaram News: रोहतास के बम्हौर में स्कूल के पुराने हिस्से को जेसीबी से हटाए जाने के बाद इलाके में विवाद जैसे हालात बन गए. इस मामले में सरकारी जमीन पर कब्जे, अभिलेख और सामग्री के क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई गई है.
Sasaram News(सुजीत कुमार): प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बम्हौर स्थित विद्यालय के पुराने ढांचे को जेसीबी से हटाए जाने के बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है. मामले में सरकारी भूमि पर कथित कब्जा और संपत्ति के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं. घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है. वार्ड सदस्य सुनील कुमार सिंह द्वारा जिला समाहर्ता रोहतास, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शिवसागर और अंचल कार्यालय शिवसागर को लिखित आवेदन देकर जांच की मांग की गई है. फिलहाल मामला जांच के दायरे में है.
पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग
आवेदन में उल्लेख है कि पुराने विद्यालय भवन को तोड़ने के दौरान अभिलेख और सामग्री के क्षतिग्रस्त होने की आशंका व्यक्त की गई है. साथ ही विद्यालय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने का आरोप लगाया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सरकारी संपत्ति से जुड़ा एक संवेदनशील विषय है. स्थानीय स्तर पर यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
बीईओ ने सीओ को भेजा पत्र
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है. इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) राजेश कुमार ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में लिया गया है. उन्होंने कहा कि जांच के लिए अंचल अधिकारी को पत्र भेजा गया है. उनके अनुसार बम्हौर स्थित विद्यालय की भूमि खाता संख्या 189, प्लॉट संख्या 448, रकवा 0.5 डिसमिल पर दर्ज है. उन्होंने बताया कि आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी.
स्कूल के लिए दान में दी गई थी जमीन
वहीं आरोपों को लेकर राम सागर कुशवाहा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके पूर्वजों ने स्कूल के लिए भूमि दान दी थी और यह भूमि पूरी तरह से विद्यालय उपयोग के लिए ही है. उन्होंने बताया कि संबंधित स्थल लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा हुआ था, जहां जहरीले जीव-जंतुओं के रहने की आशंका बनी रहती थी. इसी कारण केवल सफाई कार्य कराया गया ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो.
उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो किसी प्रकार का निर्माण कार्य किया गया है और न ही भूमि पर कब्जे की कोई मंशा है. उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं एक शिक्षक हैं और सरकारी भूमि पर कब्जा करने जैसी बात सोचना भी संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर विभागीय आदेश के अनुसार विद्यालय या विभाग को अतिरिक्त भूमि देने में भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी. उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल सुरक्षा और सफाई था, न कि किसी प्रकार का अतिक्रमण.
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