रोहतास: सावन से पहले शर्मनाक तस्वीर, बिक्रमगंज के प्राचीन कस्तर महादेव मंदिर में घुसा नाले का गंदा पानी, शिवलिंग का अरघ भी डूबा

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कस्तर महादेव का डूबे शिवलिंग की तस्वीर | Prabhat Khabar Network

कस्तर महादेव का डूबे शिवलिंग की तस्वीर | Prabhat Khabar Network

रोहतास जिले के बिक्रमगंज में कस्तर महादेव मंदिर की बदहाल व्यवस्था बारिश के बाद सामने आई है. नाले का गंदा पानी मंदिर परिसर में घुसने से भक्तों में रोष है. सावन से पहले इस समस्या का समाधान कब होगा, यह बड़ा सवाल है.

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Shiv Temple Waterlogging Rohtas : सावन महीने की शुरुआत से ठीक पहले रोहतास जिले के बिक्रमगंज प्रखंड स्थित ऐतिहासिक कस्तर महादेव मंदिर से आस्था को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है. शनिवार को हुई बारिश के बाद नाली का गंदा पानी मंदिर परिसर में घुस गया. हालात ऐसे हो गए कि पूरा मंदिर परिसर जलमग्न हो गया और भगवान शिव के शिवलिंग का अरघ भी गंदे पानी में डूब गया. इस घटना के बाद श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है और प्रशासन के प्रति आक्रोश देखने को मिल रहा है.

Rohtas News : बारिश ने खोली बदहाल व्यवस्था की पोल. मंदिर में भर गया नाले का पानी

स्थानीय लोगों ने बताया कि जैसे ही तेज बारिश हुई, आसपास की नालियों का गंदा पानी सीधे मंदिर परिसर में प्रवेश कर गया. मंदिर का पूरा परिसर पानी से भर गया और श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है.

हर बारिश में दोहराई जाती है समस्या, नहीं हुआ स्थायी समाधान

इंद्रार्थ खुर्द निवासी कमल नारायण मिश्र उर्फ झूनझून मिश्र ने बताया कि वर्षों से बारिश के समय नाली का पानी सीधे मंदिर में घुस जाता है. इससे मंदिर की पवित्रता प्रभावित होती है और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला.

हर साल लाखों का राजस्व, फिर भी बदहाल है मंदिर परिसर

ग्रामीण चितरंजन मिश्र ने बताया कि वैशाखी और फगुनी शिवरात्रि के अवसर पर इस प्राचीन मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं. यहां लगने वाले मेले से हर वर्ष लगभग तीन से चार लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है. इसके बावजूद मंदिर की जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं कराई गई, जो प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है.

मंदिर समिति बोली- कई बार लगाई गुहार, नहीं मिली राहत

कस्तर निवासी रामबाबू सिंह ने बताया कि पहले बनी मंदिर समिति भंग हो चुकी है. वर्तमान में अस्थायी समिति का संचालन विजय यादव कर रहे हैं. मंदिर समिति के अध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि तत्कालीन एसडीएम अनिल बसाक और प्रभात कुमार समेत कई अधिकारियों से कई बार जलनिकासी की समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. पंचायत स्तर पर भी कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है.

मुखिया ने बताया कारण, स्थायी योजना का दिया भरोसा

मोरौना पंचायत की मुखिया नितू मिश्रा ने कहा कि समय के साथ मंदिर का स्तर आसपास की सड़क और नालियों से नीचे हो गया है. इसी वजह से बारिश का पानी सीधे मंदिर में भर जाता है. उन्होंने बताया कि स्थायी समाधान के लिए जी-राम (ग्रामीण विकास) योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया है. स्वीकृति मिलते ही जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाएगी.

सावन से पहले बढ़ी श्रद्धालुओं की चिंता

कुछ ही दिनों में सावन माह शुरू होने वाला है, जब हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए कस्तर महादेव मंदिर पहुंचते हैं. ऐसे में मंदिर परिसर में गंदे पानी का भरना श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है. अब लोगों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी है कि सावन शुरू होने से पहले इस समस्या का समाधान कब तक किया जाएगा.


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