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रसायनिक खाद को छोड़ प्राकृतिक तकनीक अपनाएं किसान : कृषि वैज्ञानिक

Updated at : 31 May 2025 7:11 PM (IST)
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रसायनिक खाद को छोड़ प्राकृतिक तकनीक अपनाएं किसान : कृषि वैज्ञानिक

Sasaram news. जलवायु परिवर्तन होने के चलते हमारी फसलों की गुणवत्ता व उत्पादकता पर प्रभाव पड़ रहा है. रसायनिक खाद को छोड़ प्राकृतिक तकनीक किसान अपनाएं.

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किसानों को कम समय में अधिक पैदावार होने वाले धान के बीज की दी गयी जानकारी

कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में मोटे अनाज की खेती पर दिया गया जोर फोटो-21- किसानों को जानकारी देती कृषि वैज्ञानिक.

ए- प्रशिक्षण में भाग लेते लोग. प्रतिनिधि, डेहरी नगर जलवायु परिवर्तन होने के चलते हमारी फसलों की गुणवत्ता व उत्पादकता पर प्रभाव पड़ रहा है. रसायनिक खाद को छोड़ प्राकृतिक तकनीक किसान अपनाएं. ये बातें शनिवार प्रखंड स्तरीय इ-किसान भवन परिसर स्थित सभागार में आत्मा द्वारा आयोजित एक दिवसीय खरीफ महाअभियान-2025 कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र बिक्रमगंज से आयीं प्रधान कृषि वैज्ञानिक डॉ शोभा रानी ने कहीं. कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक शोभा रानी, डॉ रत्न, सीओ संजय कुमार महतो, एसडीएम प्रतिमा कुमारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार व बीस सूत्री के अध्यक्ष अशोक सोनी व आत्मा के अध्यक्ष आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया. अतिथियों को पौधा देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से आये महिला व पुरुष किसानों ने बढ़-चढ़कर कर भाग लिया. उन्होंने काम समय में ज्यादा मुनाफा व खेत में जल जमाव के दौरान होने वाले धान के बीज के बारे में जानकारी दिया. उन्होने किसानों से परंपरागत धान, गेहूं की खेती को छोड़ मोटे अनाज की खेती पर जोर दिया. कहा कि मोटे अनाज में कई तरह के पोषक तत्व पाये जाते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए फायदे मद हैं. उन्होंने मिट्टी को प्राकृतिक विधि से मिट्टी में नमी बनाये रखने का तरीका बताया. कहा कि रासायनिक खाद मिट्टी के स्ट्रक्चर को समाप्त कर रहा है, जो हमारे शरीर में जा रहा है. इससे असमय बीमारियों की चपेट में लोग आ रहे हैं. प्राकृतिक खाद का उपयोग करें. मशरूम व उद्यानी खेती पर जोर दिया. उन्होने विकसित कृषि संकल्प अभियान पर भी प्रकाश डाला. कृषि विज्ञान केंद्र से आये डाक्टर रत्न ने किसानों को धान के बीज के बारे में व कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को दी जाने वाली प्रशिक्षण की जानकारी दी.

प्राकृतिक खेती के लिस दो पंचायतों का हुआ चयन

अधिकारियों ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि प्रखंड क्षेत्र के चकनहा व बरावंला पंचायत का प्राकृतिक खेती के लिए चयन किया गया है.

अधिकारियों ने दी चलाने वाली योजनाओं की जानकारी

कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों को जिला से मिले धान के बीज के लक्ष्य की जानकारी दी.कहा कि जो किसान रजिस्ट्रेशन नहीं कराये है. रजिस्ट्रेशन करा लें. बीटीएम ने आत्मा द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी.

कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे किसान

एक दिवसीय कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से आये किसान संजय कुमार, सूर्यनाथ पाल, योगी सिंह, श्रीकांत मिश्रा, मुरारी कुमार ,आनंद पांडे, कृष्ण सिंह, राजेंद्र सिंह, निर्मल सिंह, बिहू सिंह, रंजीत कुमार, रानी सिंह, अनीता देवी, शिव शंकर सिंह, राजीव रंजन कुमार, दिलीप कुमार सिंह ,हीरालाल सिंह कामता प्रसाद ,वही कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि समन्वयक जितेंद्र सिंह ,सुनील कुमार सिंह, उपेंद्र तिवारी, मनोज कुमार, वीलडब्लू संजय कुमार , बीटीएम अजय शंकर तिवारी, एटीएम अभिनव कुमार ,किसान सलाहकार रवि कुमार ,ऋषिकेश कुमार ,शैलेंद्र सिंह ,हरिशंकर सिंह ,हरेंद्र सिंह ,राजीव शरण, श्रीनिवास ,रजनीश कुमार, रीना श्री आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG SHARAN

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By ANURAG SHARAN

ANURAG SHARAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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