रोहतासमें निजी स्कूलों पर प्रशासन की सख्ती, पूरे जुलाई चलेगा निरीक्षण अभियान, गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई

निःशुल्क नामांकन और दस्तावेजों की पड़ताल
रोहतास जिले में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों का सघन निरीक्षण जारी है. जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में सुरक्षा, शिक्षकों की योग्यता और आरटीई के तहत निःशुल्क नामांकन जैसी महत्वपूर्ण बातों की जांच की जा रही है.
Nokha Private School Inspection RTE 2026 Rohtas : रोहतास जिले के नोखा में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत पूरे जुलाई माह निजी विद्यालयों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. जिला पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शेफाली ने अभियान की शुरुआत करते हुए यूरो किड्स स्कूल का निरीक्षण किया और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
Rohtas News : यूरो किड्स स्कूल से शुरू हुआ निरीक्षण अभियान
नगर परिषद वार्ड संख्या-19 स्थित काली मंदिर धर्मशाला के समीप संचालित यूरो किड्स स्कूल का निरीक्षण सचिव, शिक्षा विभाग बिहार एवं क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी, पटना प्रमंडल के निर्देश के आलोक में किया गया. यह अभियान 1 जुलाई से 31 जुलाई तक जिले के सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में चलाया जाएगा.
सुरक्षा से लेकर शिक्षकों की योग्यता तक हुई जांच
निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने विद्यालय की आधारभूत सुविधाएं, भवन की सुरक्षा व्यवस्था, कक्षाओं का संचालन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक अभिलेखों की विस्तार से जांच की. इसके साथ ही विद्यालय की मान्यता, नामांकन, शिक्षक योग्यता और छात्र उपस्थिति पंजी का भी सत्यापन किया गया.
आरटीई के तहत निःशुल्क नामांकन पर विशेष नजर
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निःशुल्क नामांकन की व्यवस्था लागू है. इस पर बीडीओ ने संबंधित अभिलेखों की जांच कर पात्र बच्चों को नियमानुसार लाभ दिलाने और नामांकन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश दिया.
30 निजी विद्यालयों की होगी जांच, रिपोर्ट जाएगी जिला प्रशासन को
बीडीओ शेफाली ने बताया कि प्रखंड एवं नगर क्षेत्र के 30 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों का क्रमवार निरीक्षण किया जा रहा है. प्रत्येक विद्यालय की जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी. यदि किसी विद्यालय में नियमों की अनदेखी, सुरक्षा मानकों की कमी, मान्यता संबंधी अनियमितता या शिक्षा विभाग के निर्देशों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी निजी विद्यालयों को सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करना होगा. निरीक्षण अभियान पूरे जुलाई माह तक जारी रहेगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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