छपरा. मकर संक्रांति का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया गया. दान, पुण्य के साथ-साथ तिलकुट व दही चिउड़ा के मिठास ने इस त्योहार को खास बना दिया. युवाओं व बच्चों ने पतंगबाजी का भरपूर आनंद उठाया. सुबह के समय शहर के कई दुकानों में दही के खरीदारों की भीड़ देखने को मिली. वहीं शहर के पार्क व घरों की छत पर पतंग उड़ाने के लिए सुबह से ही बच्चों में उत्सुकता देखी गयी. ठंड के बावजूद मकर संक्रांति के दिन सुबह नदी घाटों एवं तालाबों में स्नान-ध्यान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या देखी गयी. इस दिन तिल का दान काफी महत्वपूर्ण माना गया है .इस अवसर पर लोगों ने दही चूड़ा और तिलकुट का प्रसाद भी ग्रहण किया साथ ही एक दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं भी दी.
मौना में लगा दही मेला
शहर के मौना चौक पर दही का मेला लगा. सड़क किनारे मिट्टी के बरतन में दही के छोटी-छोटी दुकानें सजी थीं. ग्रामीण इलाकों से आये अधिकतर लोग अपनी दही के साथ मेले में शामिल हुए. एक कतार में सजी दही की इन दुकानों पर सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गयी. शहरी क्षेत्र के बड़े दुकानों में दही की काफी डिमांड थी. दही खरीदने को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता रही. 120 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रतिकिलो के भाव से दही बेची गयी. वहीं पैकेट बंद ब्रांडेड दही दुकानों पर भी मेले जैसा नजारा रहा. मिट्टी के बर्तन में जमायी गयी दही को खरीदने के लिए भी लोग मौना चौक पर जुटे थे.
पतंगबाजी को लेकर भी रहा उत्साह
युवाओं व बच्चों द्वारा पतंगबाजी का आयोजन किया. संक्रांति के दिन धूप निकलने से लोगों में काफी राहत मिली. घर की छतों व गली-मुहल्लों के छोटे-छोटे मैदानों में भी बच्चे और युवा सुबह से ही पतंगबाजी करते नजर आये. अधिकतर घरों पर बच्चों से लेकर युवाओं में पतंगबाजी को लेकर काफी उत्साह देखा गया. पतंग की कलाबाजियों से दिनभर आसमान गुलजार रहा. राजेंद्र स्टेडियम, हवाई अड्डा मैदान, शिशु पार्क व स्कूलों के खेल मैदान में भी बच्चे व युवा बड़ी संख्या में जुटे थे. शहर के दहियावां, नयी बाजार, सोनार पट्टी आदि इलाकों में दिनभर पतंगबाजी से आसमान गुलजार दिखे.लोगों ने एक दूसरे को दी बधाई
मकर संक्रांति को लेकर सुबह से ही बधाइयों का तांता लगा रहा. सोशल साइट्स पर शुभकामना संदेश दिया जा रहा था. दही चिउड़ा और तिलकुट खाते सेल्फी पोस्ट करने की होड़ मची रही. युवाओं ने भी पतंजबाजी की तसवीरें पोस्ट की. कई जगहों पर दही चूड़ा भोज का आयोजन किया गया साथ ही कुछ संस्थाओं द्वारा स्लम बस्ती के लोगों के बीच तिलकुट व लाई का वितरण किया गया. लोगों ने एक दूसरे को तिलकुट व मिठाइयां बांटी. जिला प्रशासन भी शहर के विभिन्न नदी घाटों पर अलर्ट मोड में रहा. खास कर जिन जगहों पर स्नान के लिए लोग जुटे थे. वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम दिखे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

