सारण: तरैया रेफरल अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन का संकट, मरीज बाजार से खरीदने को मजबूर, जांच की मांग

Author Manoj kumar|Edited by Vikash Jha
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रेफरल अस्पताल में मरीजों की समस्या सुनते प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह विक्कू | Prabhat Khabar Network

रेफरल अस्पताल में मरीजों की समस्या सुनते प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह विक्कू | Prabhat Khabar Network

Saran News: सारण जिले के तरैया रेफरल अस्पताल में एंटी रैबीज सुई की भारी किल्लत है, जिससे गरीब मरीज महंगे दामों पर दवा खरीदने को मजबूर हैं. मरीजों की शिकायत पर पहुंचे प्रमुख प्रतिनिधि ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

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Saran News: सारण जिले के तरैया रेफरल अस्पताल में पिछले कई महीनों से कुत्ता, सियार और अन्य जंगली जानवरों के काटने पर दी जाने वाली एंटी रैबीज सुई उपलब्ध नहीं है. सरकारी अस्पताल में मुफ्त दवा न मिलने के कारण सबसे अधिक मार गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों पर पड़ रही है. लाचार मरीज स्थानीय खुले बाजार से महंगे दामों पर सुई खरीदने को मजबूर हैं.

अस्पताल पहुंचे प्रमुख प्रतिनिधि

ग्रामीणों और मरीजों की इस गंभीर शिकायत पर संज्ञान लेते हुए प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह विक्कू मंगलवार को ओपीडी (OPD) संचालन के दौरान अचानक रेफरल अस्पताल पहुंचे. वहां औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि ओपीडी में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोहित दुबे मरीजों का इलाज कर रहे थे, लेकिन अस्पताल के मुख्य दवा काउंटर पर पिछले तीन माह से एंटी रैबीज सुई का स्टॉक शून्य था.

40 सुई हुई थीं उपलब्ध

मौके पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रमुख प्रतिनिधि को बताया कि पिछले सप्ताह जिला मुख्यालय से केवल 40 पीस एंटी रैबीज सुई उपलब्ध करायी गयी थी. मरीजों की भारी तादाद होने के कारण वह महज दो-तीन दिनों के भीतर ही पूरी तरह खत्म हो गयी है. दूसरी तरफ भलुआ निवासी अजय राय और बनिया हसनपुर निवासी दीना राम जैसे कई पीड़ित मरीजों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

पैरवी पर सुई देने का आरोप

मरीजों का सीधा आरोप है कि अस्पताल के स्टोर रूम में सुई स्टॉक में रहने के बाद भी आम और गरीब मरीजों को उपलब्ध नहीं कराई जाती है. जब किसी रसूखदार व्यक्ति की सिफारिश या पैरवी आती है, तभी पिछले दरवाजे से चुनिंदा लोगों को सुई दे दी जाती है. प्रमुख प्रतिनिधि ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अनुपस्थिति और इस लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर कड़ा रोष व्यक्त किया है.

डीएम और सीएस से जांच की मांग

प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह विक्कू ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए सारण के डीएम व सिविल सर्जन से इस पूरे दवा वितरण खेल की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण मरीजों के हित में तरैया अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की 24 घंटे रोस्टरवार उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की भी मांग की है.

प्रभारी ने दी सफाई

इस पूरे प्रशासनिक और चिकित्सकीय विवाद के संबंध में तरैया रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एबी शरण ने फोन पर अपनी सफाई दी है. उन्होंने बताया कि आधिकारिक रोस्टर के अनुसार सभी चिकित्सक अपनी ड्यूटी पर मुस्तैदी से तैनात रहते हैं. उन्होंने सुई की कमी को स्वीकार करते हुए कहा कि वर्तमान में जिला मुख्यालय से ही एंटी रैबीज सुई की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है. अस्पताल में जैसे ही सुई उपलब्ध होती है, उसे पारदर्शी तरीके से मरीजों को समय पर दिया जाता है.

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