छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन तथा इसके अंतर्गत सभी अंगीभूत व संबद्ध कॉलेजों के कार्यालयों में 90 फीसदी कार्य ऑनलाइन मोड में होते हैं.इसके बाद भी इन कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा नहीं किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं की परेशानी लगातार बढ़ रही है. छात्रों से जुड़े सभी कार्य जैसे नामांकन, परीक्षा फॉर्म भरना, नामांकन के लिए अप्लाइ, सिलेबस, वर्ग संचालन का शेड्यूल, मार्क सीट आदि की सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करायी जाती है. लेकिन इन कार्यों को जितने अवधि में पूरा करना है. उतनी अवधि में यह पूरा नहीं होता है. डिग्री, माइग्रेशन, अंकपत्र व सीएलसी के लिए भी छात्र-छात्राएं ऑनलाइन अप्लाइ करते हैं. उसके बावजूद भी अधिकतर छात्रों को इन कागजातों को प्राप्त करने में दो से तीन माह का समय लग जा रहा है. डिग्री व माइग्रेशन के लिए अप्लाइ करते समय यह कितने दिनों में मिल जायेगा इसकी जानकारी छात्रों को दी जाती है. लेकिन, जब तक छात्र विश्वविद्यालय में जाकर स्वयं प्रस्तुत नहीं होते या सभी कागजातों की हार्ड कॉपी जमा नहीं कराते, तब तक उन्हें डिग्री या माइग्रेशन नहीं मिल पाता. ऐसे में विश्वविद्यालय व कॉलेजों के कार्य डिजिटल होने के बाद भी इसका पूरा फायदा छात्र-छात्राओं तक नहीं पहुंच रहा.
2018 में डिजिटल हुआ था जेपीयू :
यूजीसी व राजभवन के निर्देश पर वर्ष 2018 में ही जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अधिकतर कार्यों को डिजिटल मोड में करना शुरू किया गया था. इसी समय से नामांकन व परीक्षा फॉर्म भरने के साथ ही अंक पत्र तथा डिग्री रिलीज करने का कार्य भी ऑनलाइन अप्लाइ द्वारा शुरू किया गया. लेकिन, डिजिटल व्यवस्थाएं लागू होने के छह साल बीत जाने के बाद भी कार्यविधि अब तक दुरुस्त नहीं हो सकी है. कभी नामांकन सूची व एडमिट कार्ड जारी करने के बाद त्रुटि, तो कभी परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद अंकपत्र में गड़बड़ी सामने आती है.अपडेट नहीं है जेपीयू व कॉलेजों की वेबसाइट :
जेपीयू के अंतर्गत छपरा, सीवान तथा गोपालगंज के सभी कॉलेजों का अपना वेबसाइट है. कॉलेज स्तर की सभी जानकारियां वेबसाइट पर उपलब्ध करायी गयी हैं. हालांकि अधिकतर कॉलेजों की वेबसाइट को समय-समय पर अपडेट नहीं किया जाता. वहीं जयप्रकाश विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी सभी जानकारियां अपलोड नहीं है. जेपीयू की वेबसाइट अभी पुराने पैटर्न पर ही चल रही है. ऐसे में दूरदराज के छात्रों को परीक्षा व नामांकन से जुड़ी जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती हैं. कुलपति प्रो परमेंद्र कुमार बाजपेई ने कहा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है. जो भी समस्याएं थीं अब उन्हें दुरुस्त कर लिया गया है. डिग्री रिलीज करने में भी अब टाइम नहीं लग रहा है.ये सुविधाएं हैं ऑनलाइन :
ऑनलाइन है एडमिशन की प्रक्रिया, ऑनलाइन भरे जाते हैं परीक्षा फॉर्म, कार्यालयों में लागू है कैशलेस सिस्टम, डिग्री, माइग्रेशन, सीएलसी के लिए ऑनलाइन अप्लाइऑनलाइन अप्लाइ के बाद इतने दिन में मिलते हैं कागजात :
अप्लाइ के 40 दिन बाद मिलती है डिग्री, माइग्रेशन निकालने में लगता है 20 दिन से अधिक का समय, कॉलेजों में 10 दिन लग जाते हैं सीएलसी निकालने में.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है