छपरा को जाम से मिलेगी मुक्ति, चार रेल ओवरब्रिज बदलेंगे शहर की तस्वीर, प्रक्रिया तेज

Published by : Sakshi kumari Updated At : 04 Jun 2026 10:09 AM

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जगदम कॉलेज ढाला

Saran News: आने वाले महीनों में छपरा शहर की तस्वीर बदलने वाली है. वर्षों से जाम की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों को बड़ी राहत देने के लिए चार रेल ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है.

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Saran News: आने वाले महीनों में छपरा शहर की तस्वीर बदलने वाली है. वर्षों से जाम की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों को बड़ी राहत देने के लिए चार रेल ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान मिली स्वीकृति के बाद अब रेलवे और पुल निर्माण निगम के बीच समन्वय स्थापित हो चुका है और परियोजना धरातल पर उतरने की ओर बढ़ रही है.

जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू हुई बड़ी कवायद

दरअसल, शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम को देखते हुए चार महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज निर्माण की योजना तैयार की गई है. बिहार सरकार ने इसके लिए फंड भी उपलब्ध करा दिया है. रेलवे से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिलने के बाद परियोजना की गति और तेज हो गई है.

गड़खा और जगदम कॉलेज ढाला पर जल्द शुरू होगा काम

गड़खा ढाला (फाटक संख्या-43) और जगदम कॉलेज ढाला (फाटक संख्या-47) पर बनने वाले रेल ओवरब्रिज के लिए रेलवे द्वारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. अगले एक महीने के भीतर जमीन अधिग्रहण, पिलर टेस्टिंग और निर्माण मार्ग में आने वाले पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है. इसके लिए वन विभाग को भी आवश्यक जानकारी भेज दी गई है.

भिखारी चौक और रामनगर ढाला परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार

भिखारी चौक (फाटक संख्या-41) और रामनगर ढाला (फाटक संख्या-2ए एवं 2ई) पर प्रस्तावित ओवरब्रिज के लिए पुल निर्माण निगम ने संयुक्त फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर ली है. अब इस रिपोर्ट को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने का इंतजार है. मंजूरी के बाद जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग, डीपीआर और लागत आकलन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद टेंडर जारी होगा.

छह महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद

अधिकारियों के अनुसार भिखारी चौक और रामनगर ढाला परियोजना की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेंडर जारी किया जाएगा. पूरी प्रक्रिया में लगभग छह महीने का समय लग सकता है. इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा.

अधिकारियों की निगरानी में आगे बढ़ रहा प्रोजेक्ट

गति शक्ति एजेंसी के एईएन सुमित मोइत्रा ने बताया कि रेलवे के हिस्से के दोनों ओवरब्रिजों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही पिलिंग टेस्टिंग व जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा. वहीं पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता कृष्ण कुमार ने बताया कि निगम को मिले दोनों आरओबी की संयुक्त फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.

अपर मुख्य सचिव कर रहे परियोजना की मॉनीटरिंग

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की निगरानी बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव स्तर से की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि चारों रेल ओवरब्रिज बनने के बाद छपरा शहर में यातायात व्यवस्था काफी बेहतर होगी और लोगों को रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम से स्थायी राहत मिलेगी.

बदलेगी छपरा की तस्वीर, बढ़ेगी रफ्तार

चार नए रेल ओवरब्रिज केवल यातायात को सुगम नहीं बनाएंगे, बल्कि शहर के विकास को भी नई गति देंगे. जाम की समस्या कम होने से व्यापार, आवागमन और शहरी जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. आने वाले समय में छपरा एक अधिक व्यवस्थित और सुगम यातायात वाले शहर के रूप में नजर आ सकता है.

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Sakshi kumari

लेखक के बारे में

By Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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