15 अगस्त से पहले छपरा मेडिकल कॉलेज के सभी लंबित कार्य पूरे करें: डीएम वैभव श्रीवास्तव
सांकेतिक तस्वीर
छपरा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का डीएम वैभव श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया. निर्माण एजेंसी को 15 अगस्त 2026 तक सभी लंबित कार्य पूरा कर भवन हैंडओवर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन भी किया जाएगा.
Saran News: जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बुधवार को राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, छपरा का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, आधारभूत संरचनाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी को 15 अगस्त 2026 से पहले सभी लंबित कार्य हर हाल में पूरा कर भवन का हैंडओवर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के समय सिविल सर्जन, अस्पताल अधीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे.
ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान डीएम ने ओपीडी, इमरजेंसी, विभिन्न वार्ड, औषधि वितरण केंद्र, जांच सुविधाएं, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, बिजली आपूर्ति तथा मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने दवाओं की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था की भी जानकारी ली.
15 अगस्त तक भवन हैंडओवर का निर्देश
अस्पताल की आधारभूत संरचनाओं के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्माण एजेंसी को 15 अगस्त 2026 तक सभी लंबित कार्य पूरे कर भवन का हैंडओवर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने बीएमएसआईसीएल के उप महाप्रबंधक को निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय बनाकर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कराने और तय समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया.
नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय समिति बनेगी
निर्माण और अन्य लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा के लिए डीएम ने अस्पताल अधीक्षक की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया. समिति में निदेशक एनईपी, निदेशक डीआरडीए, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य) सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों और अस्पताल के एक वरिष्ठ पदाधिकारी को शामिल किया जाएगा.
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ड्रेनेज, ब्लड बैंक और भोजन व्यवस्था पर भी दिए निर्देश
डीएम ने अस्पताल परिसर में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. साथ ही एम्बुलेंस और ब्लड बैंक की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल को सदर अस्पताल और ब्लड बैंक से टैग करने को कहा. मरीजों के भोजन की समुचित व्यवस्था के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जीविका को स्वयं सहायता समूहों का चयन करने का निर्देश दिया गया. अस्पताल परिसर में हरियाली बढ़ाने के लिए मनरेगा के माध्यम से पौधारोपण कराने के भी निर्देश दिए गए.
टेंडर के अनुरूप समय पर पूरे हों सभी कार्य
जिला पदाधिकारी ने अस्पताल अधीक्षक को निर्देश दिया कि निविदा (टेंडर) के अनुरूप सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे कराए जाएं. आवश्यकता आधारित अतिरिक्त कार्यों के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने को भी कहा गया. उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करने तथा गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
स्वच्छता और मॉनिटरिंग पर विशेष जोर
डीएम ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, आवश्यक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, जांच सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा गंभीर मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि आम लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.
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