महाराजगंज की पंचायतों में बुझ गईं स्ट्रीट लाइटें, लाखों खर्च के बाद भी गांव अंधेरे में

पोल पर खराब स्ट्रीट लाइट.
Saran News : पोखरा, रिसौरा, जिगरावां समेत कई गांवों में सड़क किनारे बिजली के पोलों पर लगी स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं.
Saran News : महाराजगंज प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में पंचायत निधि एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत बिजली के पोलों पर लगाई गई अधिकांश स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी हैं. रखरखाव के अभाव में शाम ढलते ही गांवों और गलियों में अंधेरा छा जाता है, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
ग्रामीण बबलू शर्मा, संतोष पांडेय, शंकर यादव समेत अन्य लोगों का कहना है कि सुदूर गांवों और गलियों को रोशन करने के उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, लेकिन अधिकांश लाइटें कुछ ही दिनों में खराब हो गईं. कई बार शिकायत के बावजूद उनकी मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई.
रात के समय आवागमन में होती है दिक्कत
ग्रामीणों के अनुसार, पोखरा, रिसौरा, जिगरावां समेत कई गांवों में सड़क किनारे बिजली के पोलों पर लगी स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं. इससे श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों को रात के समय आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
एजेंसी को ही देखरेख की दी गयी थी जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत प्रखंड के विभिन्न गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं. इन लाइटों के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की है, लेकिन समय पर देखरेख नहीं होने के कारण अधिकांश लाइटें बेकार होती जा रही हैं.
लाइटों की गुणवत्ता पर उठा रहे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड स्तर पर संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधियों के संपर्क में अधिकारी लगातार रहते हैं, जिसके कारण लाइटों की गुणवत्ता और रखरखाव की प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है. उनका यह भी कहना है कि सरकार ने स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य ब्रेड कंपनी को सौंपा था. वहीं कुछ पंचायत प्रतिनिधियों पर पंचायत निधि से खरीदी गई स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.
जांच के बाद संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई होगी
बीडीओ विंदू कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत लगाए गए सभी खराब स्ट्रीट लाइटों की जांच पंचायत कार्यपालक सहायकों से कराई जाएगी. जांच के बाद संबंधित एजेंसी को मरम्मत और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे.
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