बिहार के इस विश्वविद्यालय में 2 से 5 हजार में मिलता है फर्जी मार्कशीट, बड़े खुलासे से मचा बवाल
Published by : Sakshi kumari Updated At : 20 May 2026 11:02 AM
जयप्रकाश विश्वविद्यालयल की तस्वीर
जयप्रकाश विश्वविद्यालय के छात्रों को फर्जी अंक पत्र दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है. विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि इस समय विश्वविद्यालय में विभिन्न परीक्षाओं के अंतर्गत अंक पत्र में हुई गड़बड़ी के सुधार की प्रक्रिया चल रही है.
Chhapra University: (प्रभात किरण हिमांशु) जयप्रकाश विश्वविद्यालय के छात्रों को फर्जी अंक पत्र दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है. विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि इस समय विश्वविद्यालय में विभिन्न परीक्षाओं के अंतर्गत अंक पत्र में हुई गड़बड़ी के सुधार की प्रक्रिया चल रही है. इसी क्रम में जब टेबुलेशन रजिस्टर (टीआर) की जांच की गयी तो पता चला कि कई छात्र-छात्राओं के अंक पत्र विश्वविद्यालय ने निर्गत नहीं किये हैं. बल्कि यह फर्जी है.
दो छात्रों ने स्वीकारा, दलालों को दिये थे रुपये
विश्वविद्यालय के किसी कर्मी की दलालों से सांठगांठ का भी पता चला है. हालांकि कौन-कौन से कर्मचारी इस मे संलिप्त हैं. फिलहाल इसकी जानकारी देने से इनकार कर दिया गया है. परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि दो छात्रों से कड़ी पूछताछ की गयी है और उन छात्रों ने यह स्पष्ट किया है कि उन्हें अंक पत्र सुधारने के नाम पर किसी दलाल ने रुपए लेकर नया अंक पत्र उपलब्ध कराया है और वेरिफिकेशन में उनके अंक पत्र गलत पाये गये हैं.
2 से 5 हजार में मिलते हैं अंक पत्र
परीक्षा विभाग इन छात्रों के माध्यम से दलालों तक पहुंचने की कोशिश में जुटा हुआ है और जल्द ही प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया भी अपनायी जायेगी. जानकारी में यह पता चला है कि अंक पत्र में हुई गड़बड़ियों को सुधारने के नाम पर दो से पांच हजार रुपये वसूले गये हैं और गलत अंक पत्र कहीं बाहर से तैयार कर इन छात्रों को दे दिया गया है.
बड़े रैकेट के संलिप्त होने की आशंका
विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग का कहना है कि इस पूरे मामले की कड़ाई से जांच की जा रही है. परीक्षा विभाग में किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सभी कर्मचारियों की भी निगरानी हो रही है. परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि इस पूरे मामले में किसी बड़े रैकेट के शामिल होने की आशंका है. जो किसी साइबर कैफे के माध्यम से छात्रों को फर्जी अंक तैयार कर दे रहा है.
गाइडलान जारी होने के बाद भी हो रही गड़बड़ी
कुछ अंक पत्र सामने आये हैं, जिनकी जांच में वह गलत पाये गये हैं. इसके बाद अब जिन छात्रों ने अंक पत्र में सुधार के लिए आवेदन दिया था. उन सब के टेबुलेशन रजिस्टर का मिलान कराया जा रहा है. परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं को पहले ही यह गाइडलाइन दिया गया है कि यदि उनके अंक पत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी है, तो वह महाविद्यालय में अपना आवेदन सबमिट करेंगे. महाविद्यालय के माध्यम से आवेदन विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग को मिलेगा और तब जाकर उनके अंक पत्रों में सुधार किया जायेगा.
दलालों की चुंगल में फंस रहे छात्र-छात्राएं
कई छात्र-छात्राएं महाविद्यालय में ना जाकर दलालों के चंगुल में फंस जा रहे हैं और उन्हें बदले में फर्जी अंक पत्र प्राप्त हो रहा है. उन्होंने फिर से सभी छात्रों से अपील की है कि यदि अंक पत्र या अन्य किसी भी डॉक्यूमेंट में सुधार कराना है तो महाविद्यालय में जाकर आवेदन दें. वहां से सत्यापित होने के बाद ही परीक्षा विभाग द्वारा उसमें सुधार की प्रक्रिया अपनायी जायेगी.
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By Sakshi kumari
साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में अपनी करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.
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