सारण के संस्कार समर कैंप में बच्चों को मिली सफलता की नई सीख, सिर्फ पढ़ाई नहीं, संस्कार भी हैं जरूरी

Published by : Sakshi kumari Updated At : 07 Jun 2026 11:04 AM

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कार्यक्रम का उद्घाटन करते बच्चे और अतिथि

Chapra News: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित इस विशेष शिविर में बच्चों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया.

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छपरा से विकास कुमार की रिपोर्ट
Chapra News:
छपरा में आयोजित तीन दिवसीय संस्कार समर कैंप में बच्चों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित इस विशेष शिविर में बच्चों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया. कार्यक्रम में विशेषज्ञों और ब्रह्माकुमारी परिवार के सदस्यों ने बच्चों को बेहतर जीवन और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया.

40 बच्चों और अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

ब्रह्माकुमारी छपरा केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय संस्कार समर कैंप में करीब 40 बच्चों के साथ उनके अभिभावकों ने भी भाग लिया. कैंप का उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना था. पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सीखने और मनोरंजन का अनूठा अवसर मिला.

डॉ. प्रियंका भारती ने बताया सफलता का असली मंत्र

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आई स्पेशलिस्ट डॉ. प्रियंका भारती ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में केवल शैक्षणिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है. बच्चों के लिए संस्कार, नैतिक मूल्य और आध्यात्मिक शिक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि सही शिक्षा वही है जो बच्चों को सकारात्मक सोच और बेहतर जीवन जीने की कला सिखाए.

बच्चे ही देश और समाज का भविष्य हैं

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं बीके अनामिका दीदी ने कहा कि बच्चे देश और समाज के भविष्य की आधारशिला हैं. बचपन में दिए गए संस्कार ही उन्हें आगे चलकर जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं. उन्होंने बच्चों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर बल दिया.

राजयोग ध्यान से बढ़ी एकाग्रता और मानसिक शांति

कार्यक्रम के दौरान बीके अरविंद भाई ने बच्चों को राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया. ध्यान के माध्यम से बच्चों ने मानसिक शांति, आत्मविश्वास और एकाग्रता का अनुभव किया. प्रशिक्षकों ने बताया कि ध्यान बच्चों के मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

वैल्यू गेम्स से सिखाया नेतृत्व और टीमवर्क

बीके प्रियांशु बहन ने बच्चों को विभिन्न वैल्यू गेम्स खिलाए, जिनके माध्यम से सहयोग, एकता और नेतृत्व क्षमता का संदेश दिया गया. वहीं बीके वीणा बहन ने आत्मा और उसके दिव्य गुणों के बारे में सरल और प्रेरणादायक जानकारी साझा की.

मनोरंजन के साथ मिली जीवन मूल्यों की शिक्षा

कैंप के दौरान बच्चों को संस्कार आधारित शिक्षाओं, रचनात्मक गतिविधियों और मनोरंजक खेलों से जोड़ा गया. कार्यक्रम में बच्चों ने न केवल आनंद लिया, बल्कि जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और अच्छे संस्कारों के महत्व को भी समझा.

बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सार्थक पहल

कार्यक्रम के सफल आयोजन में बीके प्रिस, बीके अर्जुन, बीके प्रिया सहित कई अन्य ब्रह्माकुमारी भाई-बहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. आयोजन ने बच्चों और अभिभावकों को जीवन मूल्यों से जोड़ने का एक प्रभावी मंच प्रदान किया.

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Sakshi kumari

लेखक के बारे में

By Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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