प्रदर्शन. आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के आंदोलन से दिनभर रही परेशानी

Published at :04 Apr 2017 3:47 AM (IST)
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प्रदर्शन.  आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के आंदोलन से दिनभर रही परेशानी

मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की छपरा(सारण) : बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर जिले की आंदोलनरत आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की गूंज सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंच गयी. हजारों सेविका -सहायिकाओं ने शहर में जुलूस निकाला और मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया. धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष ललिता सिंह, हेवांती […]

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मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की

छपरा(सारण) : बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर जिले की आंदोलनरत आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की गूंज सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंच गयी. हजारों सेविका -सहायिकाओं ने शहर में जुलूस निकाला और मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया. धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष ललिता सिंह, हेवांती देवी, निशा सिंह ने संयुक्त रूप से किया. शिशु पार्क में सेविका-सहायिकाएं एकत्र हुईं और शहर में जुलूस निकाला, जो पुनः शिशु पार्क के पास पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया. इस अवसर पर यूनियन की अध्यक्ष ललिता सिंह ने कहा कि जहां कोई गाड़ी नहीं जाती है, वहां तक आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं जाती हैं.
गर्भवती महिलाओं की जांच, देखभाल करने से लेकर नौनिहालों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के कंधे पर है. लेकिन सरकार द्वारा आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है और मनरेगा मजदूरों से भी कम मजदूरी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों को अकुशल मजदूर का दर्जा दिया गया है और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका से तकनीकी कार्य भी कराया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि तेलंगाना और गोवा जैसे राज्यों में सेविका -सहायिका को 25-30 हजार रुपये का मानदेय व प्रोत्साहन भत्ता दिया जा रहा है, लेकिन यहां श्रम कानूनों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने कहा कि सेवा स्थायी करने समेत 16 सूत्री मांगों के पूरा होने तक हड़ताल जारी रहेगी. जिले की सभी सेविका- सहायिकाएं अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं. हड़ताल के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लटका रहा और पठन- पाठन का कार्य बाधित रहा. नियमित टीकाकरण का कार्य ठप रहा. बच्चों को पोषाहार भी नहीं मिल रहा है. पल्स पोलियो अभियान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. राष्ट्रीय महत्व के इस अभियानों के प्रति सरकार लापरवाह बनी हुई है.
इस अवसर पर पुष्पा मिश्रा, रंजना सिंह, सरोज बाला, अनिता देवी, रिंकी कुमारी, शशि देवी, आरती देवी, सुमन कुमारी, पूनम देवी, विनीता गुप्ता, पूनम सिंह, प्रियंका कुमारी, सुनिता राय, मिथिलेश देवी, सुलेखा देवी, मालती देवी, पिंकी देवी, अनिता देवी, सलमा खातून, अर्चना देवी आदि ने संबोधित किया. बाद में यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला और मुख्यमंत्री को संबोधित 16 सूत्री मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा.
लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ा : आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के आंदोलन के कारण शहर में सोमवार को जाम लगा रहा. डाक बंगला रोड पर जाम के कारण आम लोगों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ा. जिले के सभी प्रखंडों से हजारों की संख्या में पहुंचीं सेविका- सहायिकाओं का हुजूम शिशु पार्क में उमड़ पड़ा,
जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गयी और जाम की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी.
यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गये. शहर में सेविका- सहायिकाओं के जुलूस के दौरान कई चौक -चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रही. जाम से निबटने के लिए नगर थाना, भगवान बाजार थाना और यातायात पुलिस के जवान घंटों भाग दौड़ करते रहे.
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