फोरेंसिक जांच से पकड़े जायेंगे चालक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :19 Feb 2017 4:25 AM (IST)
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पहल. एसीपी ने जारी किया दिशा निर्देश, चालकों के फिंगर प्रिंट का होगा मिलान छपरा (सारण) : अापराधिक मामलों और सड़क दुर्घटना में पुलिस असली आरोपित तक पहुंचने के लिए फोरेंसिक टीम की मदद लेगी. फोरेसिंक टीम अब सड़क दुर्घटना के बाद चालकों के फरार होने पर वाहन की स्टेयरिंग की हथेली का सैंपल लेकर […]
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पहल. एसीपी ने जारी किया दिशा निर्देश, चालकों के फिंगर प्रिंट का होगा मिलान
छपरा (सारण) : अापराधिक मामलों और सड़क दुर्घटना में पुलिस असली आरोपित तक पहुंचने के लिए फोरेंसिक टीम की मदद लेगी. फोरेसिंक टीम अब सड़क दुर्घटना के बाद चालकों के फरार होने पर वाहन की स्टेयरिंग की हथेली का सैंपल लेकर लैब भेजेगी. फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो जायेगा कि हादसे के दौरान वाहन कौन चला रहा था.
प्रायः सड़क दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़ कर फरार हो जाते हैं और बाद में कोर्ट से जमानत करा लेते हैं. चालक के फरार होने के बाद वाहन मालिक किसी अन्य चालक को पेश कर वाहनों की जमानत करा लेते हैं. इस बाबत सभी थानाध्यक्षों को पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार राज ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है.
क्या है मामला : इस जिले में निजी हल्का वाहन चलाने के लिए निर्गत ड्राइविंग लाइसेंस धारक भाड़े की वाहन चलाते हैं. निजी हल्का वाहन चलाने के लिए निर्गत ड्राइविंग लाइसेंस धारक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं. दुर्घटना के बाद इन पर शिकंजा कसे जाने का खतरा रहता है, जिससे बचने के लिए वह फरार हो जाते हैं और बाद में कोर्ट हेवी वाहन चलाने के लिए निर्गत ड्राइविंग लाइसेंस धारक को पेश कर दिया जाता है. इस तरह के मामलों पर काबू पाने में फोरेंसिक लैब की टीम कारगर साबित होगी.
फिंगर प्रिंट का होगा मिलान : दुर्घटना के बाद वाहन छोड़ कर चालक फरार हो गये तो पुलिस स्टेयरिंग का फिंगर प्रिंट लेकर फोरेंसिक लैब भेजेगी और जब चालक कोर्ट में जमानत करायेगा तो उसकी अंगुलियो के निशान से मिलान कराया जायेगा. फिंगर प्रिंट में अंतर होने पर पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी. दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़ कर फरार नहीं हो, बल्कि पुलिस की सहायता ले. घटना की सूचना नजदीकी थाना की पुलिस को दें और घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भरती कराये. दुर्घटना मानवीय भूल और तकनीकी कारणों से हो सकता है. ऐसे में चालकों को मानवीय संवेदनाओं का परिचय देने की जरूरत होती है.
इससे विधि-व्यवस्था की समस्याओं को उत्पन्न होने से रोका जा सकता है. सड़क दुर्घटना के बाद घायल का उपचार कराने और सड़क पर यातायात बहाल करने में सहयोग करें. आमतौर पर सड़क दुर्घटना के बाद लोग सड़क जाम कर यातायात बाधित कर देते हैं, जिससे विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो जाती है. घायलों की जान बचाने के साथ साथ सड़क जाम हटाने के लिए दोहरी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. नई शुरुआत से इस तरह की समस्याओं को उत्पन्न होने से रोका जा सकेगा.
इन मामलों में भी फोरेंसिक जांच
अज्ञात अपराधियों के द्वारा हत्या करने
अज्ञात अपराधियों द्वारा डकैती को अंजाम देने
बैंक में लूट, डकैती, चोरी के मामले
घरों में चोरी, डकैती, लूट की घटना
बम विस्फोट, गोलीबारी और तोड़फोड़ की घटना
अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने में फोरेंसिक जांच की भूमिका महत्वपूर्ण है. असली आरोपित तक पहुंचने के लिए सभी महत्वपूर्ण मामलों में फोरेंसिक जांच कराने का निर्देश पुलिस पदाधिकारियों को दिया गया है.
पंकज कुमार राज, पुलिस अधीक्षक, सारण
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