प्रभार के लेन-देन के चक्कर में सड़ गया गरीबों का अनाज

Published at :30 Jan 2017 11:48 PM (IST)
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प्रभार के लेन-देन के चक्कर में सड़ गया गरीबों का अनाज

परसा : गरीबो के बीच प्रत्येक माह अनाज वितरण करने के लिए कई नियम कानून लागू किया गया है. इसके बावजूद पदाधिकारी की लापरवाही से क्षेत्र के हजारों गरीब परिवार को खाने के लिए उपलब्ध अनाज नहीं मिल सका और हजारों बोरे गेहूं चावल गोदाम में ही सड़ गया. जिसकी सूध लेने वाला कोई पदाधिकारी […]

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परसा : गरीबो के बीच प्रत्येक माह अनाज वितरण करने के लिए कई नियम कानून लागू किया गया है. इसके बावजूद पदाधिकारी की लापरवाही से क्षेत्र के हजारों गरीब परिवार को खाने के लिए उपलब्ध अनाज नहीं मिल सका और हजारों बोरे गेहूं चावल गोदाम में ही सड़ गया. जिसकी सूध लेने वाला कोई पदाधिकारी नहीं है. मामला परसा प्रखंड के एसएफसी गोदाम की है. जिसमें रखे लगभग चार हजार पैकेट चावल और गेहूं बरबाद हो गया. लेकिन गरीबों के नसीब नहीं हो सका.

प्रभार के लेन-देन के कारण गोदाम में रखे हजारों पैकेट अनाज नष्ट होकर गोदाम की शोभा बढ़ने रहा है. भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि गत एक साल पूर्व गोदाम में रखे अनाज को पूर्व एजीएम की ओर से नये प्रभारी एजीएम को प्रभार दिया गया. लेकिन प्रभार लेने के बाद भी नये गोदाम प्रबंधक क्रांति सिंह द्वारा गोदाम में रखे अनाज का वितरण नहीं किया गया. जिससे गोदाम में रखे अनाज बरबाद हो गया. चावल, गेहूं काला हो गया. गोदाम की प्रभार को लेकर जिला प्रबंधक पदाधिकारी मोनाजिर इस्लाम ने गत छह माह पूर्व जांच किया गया था.

जांच में गोदाम में रखे हजारों पैकेट अनाज सड़ा हुआ पाया गया. जिस पर पहल करते हुए जिला गोदाम प्रबंधक द्वारा सील कर दिया गया था. लंबे समय से गोदाम में रखे अनाज सड़ जाने के कारण गोदाम से बदबू निकले लगी है. इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी गोदाम प्रबन्धक पदाधिकारी देवेन्द्र सिंह ने कहा कि परसा में दो गोदाम है. जिसमे एक गोदाम का ही प्रभार मिला है. सड़े गले अनाज वाले गोदाम का प्रभार नही मिला है. दूसरे गोदाम में रखे अनाज की जानकारी पूर्व गोदाम प्रबंधक की जानकारी में है.
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