बालू बन रहा विकास में बाधा

Published at :25 Nov 2016 4:13 AM (IST)
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बालू बन रहा विकास में बाधा

परेशानी. एक सौ से अधिक योजनाएं बालू के अभाव में पड़ी हैं ठप बालू की कमी विकास कार्य में बाधा बन रही है. बालू का खनन, परिवहन और भंडारण रोक के कारण सरकारी योजनाओं के तहत बन रहे भवनों के निर्माण का कार्य ठप पड़ा हुआ है. करीब एक सौ योजनाएं बालू के अभाव में […]

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परेशानी. एक सौ से अधिक योजनाएं बालू के अभाव में पड़ी हैं ठप

बालू की कमी विकास कार्य में बाधा बन रही है. बालू का खनन, परिवहन और भंडारण रोक के कारण सरकारी योजनाओं के तहत बन रहे भवनों के निर्माण का कार्य ठप पड़ा हुआ है. करीब एक सौ योजनाएं बालू के अभाव में ठप हैं
छपरा (सारण) : बालू की कमी विकास में बाधक बन रही है. सरकारी योजनाओं के तहत बन रहे भवनों के निर्माण का कार्य ठप पड़ा हुआ है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर बालू का खनन, परिवहन और भंडारण रोक लगा दी गया है. इस वजह से बालू नहीं मिल रहा है. जिले में बालू का घोर अभाव उत्पन्न हो गया है. फलस्वरूप भवन निर्माण के कार्य में बालू की कमी बाधक बन रही है. निर्माण कार्य करा रही एजेंसियों के समक्ष इसका कोई विकल्प भी नजर नहीं आ रहा है. सरकार और उच्चाधिकारियों का दबाव अलग है.
करीब एक सौ योजनाएं बालू के अभाव में ठप पड़ी हुई हैं. खासकर स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, आइसीडीएस, पंचायत, नगर पंचायत, नगर पर्षद, पंचायत और जिला पर्षद की योजनाएं ठप पड़ी हैं. बालू की किल्लत से निर्माण कराने वाली एजेंसियों और ठेकेदारों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं.
परेशान है ठेकेदार : अभियंता
जिले में भवन निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार और अभियंता दोनों परेशान हैं. परेशानी का मूल कारण बालू की कमी है. विभागीय अधिकारी अभियंताओं पर निर्धारित समय के अंदर कार्य पूर्ण करने का दबाव बनाये हुए हैं. ठेकेदारों पर अभियंताओं का दबाव है. ठेकेदारों को समय पर कार्य पूर्ण नहीं करने पर ठेका रद्द करने, जमानत राशि जब्त करने, विपत्र भुगतान पर रोक लगाने और ब्लैक लिस्टेड करने की चेतावनी दी जा रही है. इस वजह से ठेकेदार मुश्किल में हैं. उन्हें न केवल आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है, बल्कि लाइसेंस रद्द होने और ब्लैक लिस्टेड होने का खतरा बना हुआ है.
परियोजनाओं के कार्य समय पर पूर्ण होने पर लगा ग्रहण
बालू के अभाव में रुका रिविलगंज नगर पंचायत के प्रशासनिक भवन का निर्माण व सदर अस्पताल में भी ठप है नशा मुक्ति केंद्र का निर्माण.
क्या कहते हैं अधिकारी
बालू की कमी के कारण निर्माण कार्य बाधित है. मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत सड़क और नाला निर्माण की स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समय सीमा पर पूर्ण करने में बाधा उत्पन्न हो रही है.
अंजय कुमार राय, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद, छपरा
भवन निर्माण का कार्य ठप हो गया है. इसकी वजह बालू की कमी है. सदर अस्पताल समेत जिले के विभिन्न पीएचसी में भवन निर्माण की योजना चल रही थी. ठेकेदारों ने फिलहाल काम बंद कर दिया है. उनका कहना है कि बालू की कमी के कारण निर्माण कार्य कराना संभवन नहीं है. कार्य ठप रहने से योजनाअों को समय पर पूरा कराने में मुश्किल हो रही है.
रमेशचंद्र, जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला स्वास्थ्य, समिति, छपरा, सारण
इन कार्यों पर लगा है ग्रहण
सदर अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र भवन
जीएनएम स्कूल भवन और छात्रावास भवन का निर्माण
रिविलगंज नगर पंचायत के मुख्य प्रशासनिक भवन
इ-किसान भवन का निर्माण
शहरी क्षेत्र में 20 से अधिक सड़क निर्माण की योजनाएं
छपरा ग्रामीण जंकशन से मुख्य सड़क तक संपर्क पथ का निर्माण
आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण
सामुदायिक भवनों का निर्माण
क्या है मामला
सारण जिले के छपरा सदर प्रखंड से लेकर सोनपुर तक बड़े पैमाने पर बालू का खनन होता है और गंगा नदी का तटवर्ती इलाका बालू कारोबार का बहुत बड़ा केंद्र है. डोरीगंज के सामने सोन नदी और गंगा नदी का संगम है. सोन नदी से बालू का खनन कर नाव से गंगा नदी के रास्ते से इलाके में बालू लाया जाता है. मगर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के बालू के खनन पर रोक लगा दिये जाने से बालू का कारोबार ठप है. भवन निर्माण सामग्री में बालू की उपयोगिता काफी महत्वपूर्ण है. पीलर और छत की ढलाई से लेकर दीवार जोड़ने और प्लास्टर के कार्य में बालू का उपयोग होता है. कुछ माह पहले शुरू हुए भवनों का निर्माण बालू की कमी के कारण रुक गया है.
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