गोशाला को अत्याधुनिक बनाने की तैयारी

Published at :23 Oct 2016 12:08 AM (IST)
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गोशाला को अत्याधुनिक बनाने की तैयारी

छपरा (सदर) : शहर स्थित श्री सारण पिंजरापोल गोशाला के विकास के साथ-साथ आर्थिक रूप से संपन्न बनाने के लिए पशुपालन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. देशी नस्ल के गायों की खरीदारी तथा उनके बेहतर रखरखाव के साथ-साथ गोबर गैस प्लांट व वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की योजना सरकार ने बनायी है. यहीं नहीं […]

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छपरा (सदर) : शहर स्थित श्री सारण पिंजरापोल गोशाला के विकास के साथ-साथ आर्थिक रूप से संपन्न बनाने के लिए पशुपालन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. देशी नस्ल के गायों की खरीदारी तथा उनके बेहतर रखरखाव के साथ-साथ गोबर गैस प्लांट व वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की योजना सरकार ने बनायी है. यहीं नहीं इस मद में पशुपालन विभाग ने 20 लाख रुपये उपलब्ध कराया है. जिससे गोशाला विभिन्न योजनाओं के तहत आय का श्रोत बनें.

105 वर्ष पूर्व सारण पिंजरा पोल गोशाला की हुई थी स्थापना : सारण पिंजरा पोल की स्थापना वर्ष 1908 में हरी प्रसाद पोद्दार, केदार मल, हरदत राय सरावगी, बालू राम अग्रवाल आदि के प्रयास से गायों की बेहतर देखभाल करने, पशु तस्करी एवं पशु क्रुरता पर रोक लगाने, वृद्ध गायों की देखभाल तथा गो जाति के संरक्षण के उद्देश्य से गोशाला की स्थापना की गयी थी. जिसमें वर्तमान में 27 मवेशी है.
जिन्हें गोशाला के माध्यम से देखभाल के लिए जिला स्तर पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी गयी है. जो गोशाला के परिसंपत्तियों की देखभाल की जिम्मेवारी निभाने के लिए अधिकृत है.
विभाग ने गोशाला विकास के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनायी : पशुपालन विभाग ने गोशाला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 20 लाख रुपये जो उपलब्ध कराया है. उसमें पांच लाख रुपये देशी नस्ल के गायों की खरीदगी के लिए, पांच लाख रुपये गोबर गैस प्लांट, वर्मी कंपोस्ट बनाने तथा गोवंश के विकास के लिए कार्य करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनायी है. यह कमेटी जिला पशुपालन पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित की गयी है, जिसमें जिला कृषि पदाधिकारी समेत तीन सदस्य को जिम्मेवारी दी गयी है. गोशाला के आधारभूत संरचना का निर्माण जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित एजेंसी ही करेगी. वहीं वर्मी कंपोस्ट उत्पादन के लिए गोशाला कमेटी ही अपने स्तर से कार्य करेगी.
डीएम की देख-रेख में होगा कायाकल्प
तीन सदस्यीय कमेटी करेगी विकास से संबंधित विभिन्न कार्य
विकास को लेकर चर्चाएं जोरों पर
सारण पिंजरापोल गोशाला की कुल 29 बीघा 17 कट्ठा 7 धूर जमीन ब्रह्मपुर, छपरा शहर के कटरा के अलावा नगरा प्रखंड के रशिदपुर आदि स्थानों पर है. परंतु, छपरा शहर स्थित तीन कट्ठा 10 धूर जमीन पर गजाधर राय ने अतिक्रमण किया है तो विभाग के निर्देश पर जांच पदाधिकारी के रूप में डॉ कृष्णकांत कुमार ने जो जांच रिपोर्ट सौंपी है. उनमें नगरा प्रखंड के साधपुर रशीदपुर में 5 बीघा पांच कट्ठा जमीन पर वहां के ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर लिया है.
वहीं अतिक्रमणकारी न्यायालय में भी हकियतवाद दाखिल कर चुके हैं. ऐसी स्थिति में गोशाला के विकास को लेकर समिति के पदाधिकारियों में भी चर्चाए हैं जबतक गोशाला अतिक्रमण मुक्त नहीं होता ऐसी स्थिति में गोशाला की संपूर्ण विकास के संबंध में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
श्री सारण पिंजरा पोल गोशाला को अत्याधुनिक बनाने के संबंध में पशुपालन विभाग से राशि आवंटित होने के संबंध में सूचना मिली है. परंतु, इस पूरे मामले में अभी पत्र उन्हें नहीं मिल पाया है. पत्र मिलने के बाद ही आवश्यक निर्णय लिया जायेगा.
सुनील कुमार, सदर एसडीओ सह अध्यक्ष, सारण
श्री सारण पिंजरापोल गोशाला समेत पूरे बिहार की 10 गोशालाओं को आधुनिक बनाने के लिए 20-20 लाख रुपये आवंटित किये गये है. जिसमें सारण पिंजरा पोल गोशाला भी शामिल है. राशि जुलाई में ही संबंधित समिति को भेज दी गयी है. राशि से देशी नस्ल के गायों की खरीदगी, गोबर गैस प्लांट व वर्मी कंपोस्ट उत्पादन के क्षेत्र में कार्य होगा.
डॉ एन विजय लक्ष्मी, सचिव, पशुपालन विभाग, बिहार
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