सारण तटबंध समेत बाढ़ के संभावना वाले इलाकों में पेट्रोलिंग शुरू होमगार्ड किये गये तैनात
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Jul 2016 1:11 AM (IST)
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प्रशासन ने आधा दर्जन प्रखंडों के ग्रामीणों को किया अलर्ट छपरा (सदर) : बालमिकी नगर बैराज से 3.6 लाख क्यूसेक पानी गंडक में छोड़े जाने के बाद आधा दर्जन प्रखंडों के निचले हिस्से में देर शाम तक कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जायेंगे. इसे लेकर डीएम दीपक आनंद ने पानापुर, मकेर, तरैया, परसा, […]
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प्रशासन ने आधा दर्जन प्रखंडों के ग्रामीणों को किया अलर्ट
छपरा (सदर) : बालमिकी नगर बैराज से 3.6 लाख क्यूसेक पानी गंडक में छोड़े जाने के बाद आधा दर्जन प्रखंडों के निचले हिस्से में देर शाम तक कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जायेंगे. इसे लेकर डीएम दीपक आनंद ने पानापुर, मकेर, तरैया, परसा, दरियापुर, अमनौर एवं सोनपुर के निचले हिस्से इलाके में रहने वाले ग्रामीणों को ध्वनी विस्तारक यंत्र के माध्यम से खुद उदघोषणा कर घर खाली कर चिन्हित स्थलों पर शरण लेने का आग्रह किया.
साथ ही इन सभी प्रखंडों के सीओ तथा थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि बाढ़ से बचाव के लिए सतत निगरानी रखें. इससे पूर्व डीएम ने 80 किलोमीटर लंबे सारण तटबंध का निरीक्षण किया तथा 76.4 किलोमीटर भगवानपुर सरोज गांव के निकट पानी का दबाव बढ़ने को लेकर बाढ़ से बचाव के लिए व्यापक इंतजाम की बात कही. उन्होंने कनीय अभियंता एवं होमगार्ड को 24 घंटे मुस्तैद रहने के साथ-साथ एवं पूर्व से रखे गेबियन, नाइलोन, क्रैट, जीओ बैग, बालू भरे बैग, एमटी सीमेंट बैग आदि का निरीक्षण किया. उधर सरयू में पानी बढ़ने के बाद, मांझी, रिविलगंज, छपरा शहर, छपरा सदर आदि प्रखंडों में बाढ़ का पानी घूसने की पूरी संभावना बढ़ गयी है.
अधिकारियों को पूर्वानुमति बिना मुख्यालय छोड़ने पर रोक : डीएम ने बाढ़ के मद्देनजर उतपन्न खतरों को देखते हुए जिला स्तरीय सभी पदाधिकारियों को बिना पूर्वानुमति जिला मुख्यालय नहीं छोड़ने का निर्देश दिया है. साथ ही निर्देशित किया है कि इसका उल्लंघन करने वालों पर अनुशासनिक कार्रवाई होगी. डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सीओ एवं थानाध्यक्ष को निर्देशित कर उनके क्षेत्र में चिन्हित शरणस्थली पर पेयजल एवं जलापूर्ति की व्यवस्था कराने की बात कही. डीएम ने तरैया अंचल एवं सीडीपीओ कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया.
क्या कहते हैं डीएम
नेपाल से छह लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो रही है. इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. अभी सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है. स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. फिर भी सुरक्षा की दृष्टिकोण से सभी आवश्यक कदम उठाये गये हैं. ग्रामीणों को बाढ़ इलाकों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया गया है.
दीपक आनंद, जिलाधिकारी, सारण
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