मुख्य सरगना पवन पाठक का शव लेने पहुंची दोनों पत्नियां
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Dec 2014 12:35 PM (IST)
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छपरा (सारण) : स्वर्ण आभूषण व्यवसायी दीपक कुमार सोनी अपहरण मामले के मुख्य सरगना तथा रामदौली गांव के पवन पाठक का शव लेने के लिए शुक्रवार को दोनों पत्नी थाने पहुंची. पवन का शव चार दिन पहले सरैया थाना क्षेत्र के बहिलवारा पांडेय टोला नहर के पास से पुलिस ने बरामद किया था. शव लेने […]
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छपरा (सारण) : स्वर्ण आभूषण व्यवसायी दीपक कुमार सोनी अपहरण मामले के मुख्य सरगना तथा रामदौली गांव के पवन पाठक का शव लेने के लिए शुक्रवार को दोनों पत्नी थाने पहुंची. पवन का शव चार दिन पहले सरैया थाना क्षेत्र के बहिलवारा पांडेय टोला नहर के पास से पुलिस ने बरामद किया था.
शव लेने के लिए पवन की पहली पत्नी लीलातवी देवी पहले पहुंची थी और जब इसकी जानकारी दूसरी पत्नी काजल उर्फ श्वेता पाठक को मिली तो, वह भी थाना पहुंच गयी. श्वेता के थाने पहुंचने के साथ ही उसके अपहरण मामले का भी पटाक्षेप हो गया. पुलिस द्वारा दोनों शवों की पहचान कराने की प्रक्रिया चल रही है.
अपहरण मामले में पुलिस को थी तलाश:स्वर्ण आभूषण व्यवसायी दीपक कुमार सोनी अपहरण मामले में एक माह से पुलिस को पवन की तलाश थी. 18 नवंबर को स्वर्ण आभूषण व्यवसायी का अपहरण परसा थाना क्षेत्र के बलहा बाजार से घर जाते समय कर लिया गया था. अपहृत स्वर्ण आभूषण व्यवसायी को पुलिस ने बरामद की थी. अपराधी पवन पाठक ने अपहृत व्यवसायी के परिजनों से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी. इस मामले में पुलिस ने मुख्य सरगना के पिता समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पवन पाठक समेत आधा दर्जन अपराधी फरार चल रहे थे. पवन की हत्या के बाद शेष पांच अपराधियों को पकड़ना है.
हत्या-अपहरण का रहस्य सुलझाने में लगी पुलिस :पुलिस ने पवन की हत्या का मामला सुलझा लिया है. श्वेता के थाने पहुंचने के बाद पुलिस उससे भी पूछताछ की तैयारी कर रही है. उससे सरैया थाने के पवन हत्या मामले में पूछताछ की जा रही है और मुजफ्फरपुर सदर थाने की पुलिस के द्वारा अपहरण मामले में श्वेता पाठक से पूछताछ की जायेगी.
जीवित है कंचन शुक्ला :पवन पाठक के साढ़ू कंचन शुक्ला जीवित है. पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है. पहले इस बात की आशंका थी कि बहिलवारा पांडेय टोला नहर से बरामद शव कंचन शुक्ला का है. कंचन शुक्ला और पवन पाठक आपस में रिश्तेदार हैं. दोनों एक -दूसरे के साढ़ू हैं.
श्वेता को गुवाहाटी ले गया था पवन :तीन दिसंबर को श्वेता का अपहरण करने के बाद गुवाहाटी ले गया था और वहीं पर अपने एक रिश्तेदार के यहां ले जाकर छोड़ आया था. जब श्वेता को इसकी जानकारी मिली तो वह गुवाहाटी से पटना पहुंची और पटना से सरैया पहुंची.
पुलिस के लिए है चुनौती :स्वर्ण आभूषण व्यवसायी दीपक अपहरण के मुख्य सरगना पवन पाठक की हत्या का मामला पूरी तरह रहस्य और रोमांच से भरा है.
बरामद शव अगर पवन पाठक की है तो, उसकी हत्या किसने और क्यों की? यह पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती होगी. अगर बरामद शव पवन पाठक की नहीं है तो, उक्त शव किसकी है और उसकी हत्या किसने की? हत्या करने के बाद पवन पाठक का परिचय पत्र उसके पास कैसे पहुंचा? यह पता लगाना भी पुलिस के लिए कठिन कार्य होगा.
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