फायर सेफ्टी के मानकों का नहीं हो रहा पालन

By Prabhat Khabar Digital Desk
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छपरा : दिल्ली के रानी झांसी रोड के अनाज मंडी में आग लगने के बाद कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. इस घटना के बाद बाजारों, मंडियों व कॉमर्शियल इमारतों में फायर सेफ्टी के लिए अपनाये जा रहे मानकों पर प्रश्न चिह्न उठने लगे हैं. छपरा के शहरी क्षेत्र में भी आये दिन शॉट सर्किट से आग लगने की घटनाएं सामने आती रहती है.

हाल के दिनों में शहर के बाजारों में कई कॉमर्शियल भवनों का निर्माण हुआ. वहीं होटल, रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल आदि भी धड़ल्ले से खोले जा रहे है. लेकिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ शहर के बाजारों में सुरक्षा के मापदंडों का पूरी तरह खयाल नहीं रखा जाता. शहर के प्रमुख बाजारों में बिजली के जर्जर तार आज भी हादसे को न्योता दे रहे है.
दशहरा और दीपावली के समय डीएम ने बिजली कार्यालय को जर्जर तारों को हटाने का सख्त निर्देश दिया था. इसके बाद भी कार्य में लापरवाही बरती जा रही है. वहीं शहरी क्षेत्र में जितने भी कॉमर्शियल भवन है, वहां भी सेफ्टी से जुड़े इंतजामों का अभाव दिख रहा है.
शहर के कई प्रमुख बाजारों में झूल रहें है बिजली के जर्जर तार : विगत दो वर्षों में शहरी क्षेत्र में बिजली के कवर किये हुए तार लगाये गये है. अभी भी कई प्रमुख रिहायसी इलाके व बाजार मौजूद है. जहां बिजली के जर्जर तार हादसे को न्योता दे रहे है. शहर के सरकारी बाजार, सोनरपट्टी बाजार, हथुआ मार्केट, सलेमपुर, मौना आदि कई ऐसे इलाके है. जहां सैकड़ों की संख्या में छोटे बड़े प्रतिष्ठान मौजूद है.
सरकारी बाजार सब्जी व अनाज की मंडी के लिए जाना जाता है. इन इलाकों में संकरी गलियों व सड़क के आसपास कई जगहों पर बिजली के तार झूल रहें है. जिन्हें बदला नहीं गया है. छह माह पहले शहर के पुरानी गुड़हट्टी में शॉट सर्किट से आग लग गयी थी, जिसमें एक कपड़े की दुकान झुलस गया था. वहीं एक वर्ष पूर्व एक रिपेयरिंग की दुकान में भी शॉट सर्किट की वजह से आग लगी थी.
क्या होनी चाहिए व्यवस्था
पाइप लाइन की हो व्यवस्था
फायर सेफ्टी के लिए होनी चाहिए हॉजरील
अनिवार्य अग्निशामक यंत्र
होटल व मॉल में हो फायर एलार्म
कंप्लेक्स व बाजारों के व्यवसायियों को होनी चाहिए फायर सेफ्टी की जानकारी
बड़े बाजारों व भवनों के पास हो पानी की समुचित व्यवस्था
क्या कहते हैं अधिकारी
शहर के बाजारों में जाकर व्यवसायियों के बीच फायर सेफ्टी से जुड़ी जानकारियां दी जाती है. बाजारों में बने भवनों, दुकानों व मॉल में तय मानकों के अनुरूप फायर सेफ्टी की व्यवस्था हो इसका निर्देश दिया गया है. जो लोग इन व्यवस्थाओं को नहीं रखते उन्हें समय पर नोटिस भी दिया जाता है.
कन्हाई यादव, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, सारण
कॉमर्शियल भवनों में भी नहीं दिखता फायर सेफ्टी का इंतजाम
बीते दो वर्षों में शहर के विभिन्न इलाकों में एक दर्जन से भी अधिक छोटे बड़े शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट आदि का निर्माण हुआ. हालांकि आपातकालीन परिस्थितियों से निबटने के लिए इन प्रतिष्ठानों में कोई विशेष इंतजाम नहीं दिखता.
शॉट सर्किट या किसी अन्य कारण यदि कभी आग लग जाये तो रोकथाम के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं है. इस बात जब हमने जिला अग्निशाम पदाधिकारी कन्हाई यादव से बात की तो उन्होंने बताया कि शहर के कुछ गिने चुने भवनों को छोड़ दे तो, अधिकतर में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं है.
होटलों व बड़े इमारतों में अग्निशामक यंत्र लगा जरूर है, लेकिन अन्य कई सुविधाएं मौजूद नहीं है. उन्होंने बताया कि बाजारों में व्यवसायियों के बीच जाकर मॉक ड्रिल किया जाता है. शॉट सर्किट से बचने को लेकर जो भी जरूरी व्यवस्थाएं है. उन्हें पूरा करने के लिए बार-बार गाइडलाइन जारी किया जाता है.
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