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रोटा वायरस वैक्सीन होगा नियमित प्रतिरक्षण का हिस्सा

Updated at : 04 Jun 2019 2:15 AM (IST)
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रोटा वायरस वैक्सीन होगा नियमित प्रतिरक्षण का हिस्सा

छपरा : रोटा वायरस वैक्सीन को 3 जुलाई से नियमित प्रतिरक्षण में शामिल किया जायेगा. यह वैक्सीन रोटा वायरस के कारण होने वाले गंभीर दस्त से सुरक्षा प्रदान करेगी. इसको लेकर कार्यपालक निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार ने राज्य के सभी जिला अधिकारी एवं सिविल सर्जन को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया है. […]

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छपरा : रोटा वायरस वैक्सीन को 3 जुलाई से नियमित प्रतिरक्षण में शामिल किया जायेगा. यह वैक्सीन रोटा वायरस के कारण होने वाले गंभीर दस्त से सुरक्षा प्रदान करेगी. इसको लेकर कार्यपालक निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार ने राज्य के सभी जिला अधिकारी एवं सिविल सर्जन को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया है. पत्र के माध्यम से बताया गया है कि राज्य में 3 जुलाई से नियमित टीकाकरण के अंतर्गत रोटा वायरस वैक्सीन को शामिल किया जाना प्रस्तावित है.

इसके लिए राज्य स्तर पर प्रत्येक जिले से मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षित किया जा रहा है. इससे बच्चों में रोटा वायरस की वजह से होने वाले दस्त में कमी लायी जा सकेगी. साथ ही इसके कुशल कार्यान्वयन के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न गतिविधियों के विषय में भी विस्तार से जानकारी दी गयी है.
प्रखंड स्तर पर भी होगा प्रशिक्षण : जिला स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके पदाधिकारियों द्वारा प्रखंड स्तर पर आशा, आंगनबाड़ी एवं टीकाकरण संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षित किया जायेगा.
प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण की मॉनीटरिंग के लिए अलग से वेबसाइट भी बनायी गयी है जिस पर मॉनीटरिंग प्रतिवेदन अपलोड किये जायेंगे. जिला सिविल सर्जन डॉ माधेश्वर झा ने बताया कि रोटा वायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है जो बच्चों में होने वाले 40 प्रतिशत डायरिया के लिए जिम्मेदार है. रोटा वायरस संक्रमण की शुरुआत हल्के दस्त से होती है. जो आगे जाकर गंभीर रूप ले सकता है.
पर्याप्त इलाज नहीं मिलने के कारण शरीर में पानी व नमक की कमी हो सकती है तथा कुछ मामलों में बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है. रोटा वायरस संक्रमण में गंभीर दस्त के साथ-साथ बुखार और उलटियां भी होती हैं और कभी-कभी पेट में दर्द भी होता है. दस्त एवं अन्य लक्षण लगभग 3 से 7 दिनों तक रहते हैं. इस गंभीर रोग की रोकथाम में रोटा वायरस वैक्सीन काफी प्रभावी होगा. शिशुओं को यह वैक्सीन तीन चरणों में दिया जायेगा. पहला टीका जन्म के 6 सप्ताह पर, दूसरा टीका 10 सप्ताह पर एवं आखिरी टीका 14 सप्ताह पर दिया जायेगा.
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