पंचायतों में स्वच्छता का अलख जगायेंगी महिलाएं

Updated at : 11 Sep 2017 9:15 AM (IST)
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पंचायतों में स्वच्छता का अलख जगायेंगी महिलाएं

कवायद. 2019 तक सारण को ओडीएफ बनाने के लिए 6.5 लाख शौचालय निर्माण की योजना छपरा (सदर) : संपूर्ण सारण जिले को दो अक्तूबर, 2019 तक घर-घर शौचालय निर्माण कर तथा महिला स्वच्छाग्रही के सहयोग से खुले में शौच से मुक्त करने का हर संभव प्रयास जिला प्रशासन कर रहा है. बता दें कि स्वच्छ […]

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कवायद. 2019 तक सारण को ओडीएफ बनाने के लिए 6.5 लाख शौचालय निर्माण की योजना
छपरा (सदर) : संपूर्ण सारण जिले को दो अक्तूबर, 2019 तक घर-घर शौचालय निर्माण कर तथा महिला स्वच्छाग्रही के सहयोग से खुले में शौच से मुक्त करने का हर संभव प्रयास जिला प्रशासन कर रहा है.
बता दें कि स्वच्छ भारत मिशन तथा लोहिया स्वच्छता मिशन के तहत जिले में दो अक्तूबर, 2019 तक 6.50 लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य अक्तूबर 2015 में रखा गया था. सरकार ग्रामीण स्तर पर लोगों को खुले में शौच से मुक्ति के लिए स्वच्छाग्रहियों का प्रशिक्षण देकर घर-घर स्वच्छता का अलख जगाने का प्रयास किया जा रहा है.
खुले में शौच से मुक्ति तथा स्वच्छता जागरूकता के लिए कई कार्यक्रम : ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश के आलोक में जिला स्तरीय जल एवं स्वच्छता समिति के अध्यक्ष सह डीएम हरिहर प्रसाद की देखरेख में कला जत्था के सदस्यों के द्वारा एक माह तक स्वच्छता रथ के माध्यम से गांवों में लोगों को जागरूक करने का काम जहां किया गया, वहीं प्रत्येक विद्यालय में छात्र-छात्राओं के बीच स्वच्छता से संबंधित निबंध लेखन प्रतियोगिता प्रखंडों से लेकर गांवों तक आयोजित की गयी है.
इसके अलावा स्वच्छता पर सारण जिले में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनायी जा रही है, जो अक्तूबर माह के अंत तक आ जायेगी. जिला स्तरीय समिति के उपाध्यक्ष सह डीडीसी सुनील कुमार के अनुसार पंचायतों में लोगों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए प्रत्येक पंचायत में तीन से चार स्वच्छाग्रही तैनात किये जायेंगे. इन स्वच्छाग्रहियों को पांच-पांच दिन का आवासीय प्रशिक्षण पटना से विभाग के द्वारा भेजे गये मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से इस प्रकार प्रशिक्षित किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर महिलाओं व पुरुषों को शौचालय के निर्माण, उसके उपयोग के संबंध में जागरूक करेंगे. वहीं उनसे आग्रह करेंगे कि वे किसी भी स्थिति में खुले में शौच नहीं करें. इससे कई बीमारियों को पनपने का मौका मिलता है. इसके तहत जिन पंचायतों को स्वच्छाग्रहियों के द्वारा ओडीएफ घोषित कर दिया जायेगा, तब प्रत्येक स्वच्छाग्रही को 23 हजार रुपये का भुगतान किया जायेगा.
ये स्वच्छाग्रही महिलाएं हैं, जिन्हें वेतन के रूप में कुछ नहीं दिया जाना है, बल्कि सभी समाज सेवा के उद्देश्य से ही यह काम करेंगी. बाद में इन स्वच्छाग्रहियों में से कुछ को मास्टर ट्रेनर के रूप में भी तैयार किया जायेगा. अभी सारण जिले में दो बैचों में 100 महिलाओं को स्वच्छाग्रही का प्रशिक्षण दिया जा चुका है.
छपरा शहर की स्थिति बदतर : स्वच्छता मिशन के तहत शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त कराना है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण तथा अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों को दी गयी है. वहीं छपरा शहर को खुले में शौच से मुक्त करने तथा शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी छपरा नगर पर्षद को है.
परंतु, छपरा शहर की स्थिति यह है कि आधा दर्जन सड़कों तथा रेल पटरियों पर अभी भी हजारों गरीब परिवार के लोग खुले में शौच करते हैं, जिसमें भगवान बाजार थाना रोड, डाकबंगला रोड से राजेंद्र स्टेडियम के पूरब होते महमूदचौक जाने वाली सड़क, राजेंद्र सरोवर से दारोगा राय चौक जाने वाली सड़क, सांढ़ा ढाला बस स्टैंड से जगदम कॉलेज की ओर जाने वाली सड़क आदि सड़कें शामिल हैं.
एक तो स्थानीय शहरी निकाय प्रशासन इन परिवारों के शौचालय निर्माण के लक्ष्य को पूरा करने के प्रति जहां उदासीन रहा, वहीं इन लोगों को नैतिक रूप से मोटिवेट कर ओडीएफ के प्रयास में उदासीनता दिखायी. वहीं छपरा जंक्शन से लेकर सदर प्रखंड तक छपरा कचहरी स्टेशन होते हुए भी सैकड़ों परिवार खुले में शौच करते हैं.
40 फीसदी राशि बिहार सरकार देती है
अबतक जिले में स्वच्छता मिशन के तहत 80 हजार शौचालय बन पाये हैं, जिसे अक्तूबर, 2019 तक पूरा करना है. इसके तहत शौचालय निर्माण के इच्छुक व्यक्ति को शौचालय निर्माण के बाद 12 हजार रुपये देने का प्रावधान है, जिसमें 60 फीसदी राशि तथा 40 फीसदी राशि बिहार सरकार देती है.
जिला प्रशासन ने अपने अधिनस्थ प्रखंड स्तर के पदाधिकारी बीडीओ, सीडीपीओ, मनरेगा पीओ आदि को भी प्रत्येक वर्ष अलग-अलग एक-एक पंचायत गोद लेकर जिले में सभी 323 पंचायतों में हर घर में शौचालय निर्माण कर गांवों को ओडीएफ घोषित करने की योजना है.
समुदाय आधारित संपूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम के तहत जनप्रतिनिधियों के अलावा समाज के हर वर्गों को अपना दायित्व निभाने के लिए भी प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किया जा रहा है.
शौचालय के उपयोग के लिए फैलायेंगे जागरूकता
सारण जिले को दो अक्तूबर, 2019 तक छह लाख 50 हजार शौचालय का निर्माण कर एवं ग्रामीणों के बीच महिलाओं की टीम के माध्यम से शौचालय के निर्माण एवं उसके उपयोग करने के लिए जागरूक करने का प्रयास करेंगे. जिला प्रशासन इसके लिए जल एवं स्वच्छता समिति के सचिव, उपाध्यक्ष के सहयोग से योजना को मूर्त रूप देने के लिए प्रयासरत है. हरिहर प्रसाद, डीएम, सह अध्यक्ष, जिला जल एवं स्वच्छता समिति, सारण
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