ePaper

Samastipur News:यूरिया कालाबाजारी ने बढ़ायी किसानों की मुश्किलें

Updated at : 10 Dec 2025 7:16 PM (IST)
विज्ञापन
Samastipur News:यूरिया कालाबाजारी ने बढ़ायी किसानों की मुश्किलें

प्रखंड क्षेत्र में यूरिया खाद की कालाबाजारी इन दिनों चरम पर है. इससे किसान भारी संकट से गुजर रहे हैं. किसानों का कहना है कि प्रखंड में यूरिया की कृत्रिम किल्लत पैदा कर दी गई है

विज्ञापन

Samastipur News:बिथान: प्रखंड क्षेत्र में यूरिया खाद की कालाबाजारी इन दिनों चरम पर है. इससे किसान भारी संकट से गुजर रहे हैं. किसानों का कहना है कि प्रखंड में यूरिया की कृत्रिम किल्लत पैदा कर दी गई है. सरकार द्वारा यूरिया खाद के एक बोरी का अधिकतम खुदरा मूल्य 266.50 रुपये निर्धारित है, लेकिन बाजारों में मनमाना दाम वसूला जा रहा है. किसानों के अनुसार 350 से 400 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया बेची जा रही है. जबकि सरकारी दर पर कहीं भी उपलब्ध नहीं है. किसानों ने बताया कि दुकानदार स्टॉक खत्म होने का बहाना बनाकर लौटा देते हैं. लेकिन जब ऊंची कीमत चुकाने की बात हो, तो तुरंत खाद उपलब्ध करा दी जाती है. किसानों का आरोप है कि अधिकारी केवल बयान देते हैं. लेकिन जमीनी कार्रवाई नहीं होती. उनका कहना है कि यदि कृषि पदाधिकारी चाहें तो कालाबाजारी पर तुरंत रोक लग सकती है. परंतु वास्तविकता में कोई ठोस कदम नजर नहीं आता. किसान मजबूरी में सरकारी दर से 80 से 150 रुपये अधिक देकर यूरिया खरीद रहे हैं. इससे खेती की लागत बढ़ गई है. कर्ज में डूबे किसान और भी तंगी में पहुंच गये हैं. कई किसानों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि खाद मिलती ही नहीं और यदि मिलती है तो ऊंची दर पर. उनका कहना है कि इस स्थिति में खेती करना मुश्किल होता जा रहा है. किसानों का आरोप है कि प्रशासन की शिथिलता के कारण खाद माफिया खुलेआम सक्रिय हैं. जब इस मुद्दे पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी जय जयंत रजक से पूछा गया तो उन्होंने दावा किया कि बिथान प्रखंड में यूरिया की कोई कमी नहीं है. उन्होंने बताया कि प्रखंड में 481 एमटी यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है. यदि कोई दुकानदार ऊंची कीमत वसूलता है या कालाबाजारी करता है तो शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जायेगी. इसके बावजूद किसान कहते हैं कि जमीन पर सच्चाई कुछ और है. उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर कालाबाजारी पर रोक लगाने और उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Ankur kumar

लेखक के बारे में

By Ankur kumar

Ankur kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन