2904 वर्ग किलोमीटर भौगोलिक क्षेत्र वाले जिले में नहीं है सघन वन क्षेत्र

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 05 Jun 2024 11:55 PM

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जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2904 वर्ग किलोमीटर है. लेकिन जिले में कहीं भी सघन वन क्षेत्र नहीं है. विभिन्न योजनाओं से हर साल पौधरोपण अभियान चलाया जाता है. पौधे लगाये भी जाते हैं, लेकिन इनमें से अधिसंख्य पौधे लगाने के बाद देखरेख सही ढंग से नहीं होने के कारण सूख जाते हैं.

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समस्तीपुर : जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2904 वर्ग किलोमीटर है. लेकिन जिले में कहीं भी सघन वन क्षेत्र नहीं है. विभिन्न योजनाओं से हर साल पौधरोपण अभियान चलाया जाता है. पौधे लगाये भी जाते हैं, लेकिन इनमें से अधिसंख्य पौधे लगाने के बाद देखरेख सही ढंग से नहीं होने के कारण सूख जाते हैं. जिले की आबादी भी तेजी से बढ़ रही है. वर्ष 2023 की जनगणना के मुताबिक जिले की जनसंख्या 57 लाख पहुंच गयी है. बढ़ती आबादी के कारण मकान भी अधिक तेजी से बनते हैं. वहीं सड़कों की संख्या में वृद्धि हो रही है. सड़कों का चौड़ीकरण का भी काम हो रहा है. सड़कों के चौड़ीकरण के कारण भी पेड़ों की कटाई हो रही है. तेजी से बढ़ते शहरीकरण की प्रवृति के कारण भी पेड़ पौधों की कटाई हो रही है. इसका दुष्परिणाम सीधा पर्यावरण पड़ रहा है. गर्मी अधिक पड़ने लगी है. वहीं वर्षा की कमी हो रही है. वर्ष 2020 और 2021 की बात छोड़ दें तो जिले में वर्षापात की स्थिति औसत तक भी नहीं पहुंच पा रही है. वर्ष 2008 से 2018 तक हर साल जिले में औसत वर्षापात से 50 से 60 प्रतिशत कम बारिश हुई थी. वर्षा की कमी का सीधी असर भूमिगत जल पड़ रहा है. वर्षा कम होने के कारण भूमिगत जल का लेयर तेजी से नीचे सिखक रहा है. मई जून में कई जगहों पर भूमिगत जल का लेयर औसत से 15 18 फीट तक नीचे चला जाता है. ऐसे में लोगों को पानी की समस्या का सामना करना लाजिमी है. वहीं हर साल आंधी के कारण भी पेड़ों को क्षति पहुंच रही है. जिले में सघन वन क्षेत्र का रकवा जहां शून्य है, वहीं माॅडरेट वन क्षेत्र का रकवा 105.33 वर्ग किलोमीटर है. ओपने वन क्षेत्र का रकवा 48.43 वर्ग किलोमीटर है. इस तरह 154.22 वर्ग किलोमीटर जिले में वन क्षेत्र हैं. पेड़ पौधों की कमी का सीधा असर वातावरण पर दिख रहा है. जिले के हवा की गुणवत्ता भी खराब हो रही है. जिले का एक्यूआई का स्तर कई बार 400 पार चला गया है. जाड़ा में जिले में वायु की गुणवत्ता और अधिक खराब हो जाती है. 1 और 2 फरवरी को एक्यूआई का स्तर 325 था, 13 फरवरी को एक्यूआई का स्तर 326 था. 29 और 31 जनवरी को एक्यूआई का स्तर 339 था, वहीं 30 जनवरी को एक्यूआई का स्तर 342 था. जिले में प्राकृतिक वन क्षेत्र नहीं है. विभाग को रोसड़ा, दलसिंहसराय और समस्तीपुर में वन क्षेत्र हैं. वन पर्यावरण दिवस पर 1050 पौधे लगाये गये हैं. रविन्द्र कुमार रवि, जिला वन पदाधिकारी, समस्तीपुर

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