Mob lynching in Samastipur:समस्तीपुर में मॉब लिंचिंग: चोरी के शक में भीड़ ने युवक को पीट-पीटकर मार डाला, कानून को पैरों तले रौंदा
Published by : PREM KUMAR Updated At : 12 Jan 2026 10:59 PM
समस्तीपुर ब्रेकिंग: मॉब लिंचिंग से थर्राया सिंघिया! चोरी के आरोप में भीड़ ने युवक को बेरहमी से पीटा, इलाज के दौरान मौत. जहांगीरपुर गांव की इस खौफनाक वारदात ने पुलिस महकमे में मचाया हड़कंप. कानून हाथ में लेने वालों पर गिरेगी गाज! पूरी खबर के लिए क्लिक करें.
Mob lynching in Samastipur: सिंघिया (समस्तीपुर): बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र से मॉब लिंचिंग की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है. यहाँ जहांगीरपुर गांव में भीड़ ने इंसाफ के नाम पर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी. चोरी के संदेह ने ग्रामीणों को इस कदर अंधा कर दिया कि उन्होंने युवक को तब तक पीटा जब तक उसकी सांसें उखड़ने नहीं लगीं. अंततः दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया.
”चोर-चोर” के शोर ने ली जान
घटना रविवार देर रात की है, जब अगरौल गांव का निवासी सिद्धार्थ यादव उर्फ खिलटा, जहांगीरपुर के नंदन यादव के घर में कथित रूप से घुसा था. गृहस्वामी के शोर मचाते ही पूरा गांव इकट्ठा हो गया. भागने की कोशिश कर रहे सिद्धार्थ को भीड़ ने चारों तरफ से घेर लिया. इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कानून को ताक पर रखकर सामूहिक रूप से युवक पर हमला बोल दिया.पुलिस ने बचाया, पर ”इंसाफ” की सनक जीत गई
सिंघिया पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली, थानाध्यक्ष श्याम कुमार मेहता दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने उग्र भीड़ के चंगुल से मरणासन्न सिद्धार्थ को छुड़ाया और उसे स्थानीय अस्पताल ले गए. हालत नाजुक होने के कारण उसे DMCH रेफर किया गया, लेकिन भीड़ के प्रहारों से शरीर छलनी हो चुका था और उसने अस्पताल में अंतिम सांस ली.
लिंचिंग पर पुलिस का कड़ा प्रहार
सिद्धार्थ का पिछला रिकॉर्ड संदिग्ध बताते हुए ग्रामीण अपनी इस हिंसक कार्रवाई को जायज ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस इसे स्पष्ट रूप से ”मॉब लिंचिंग” मान रही है. “किसी भी सूरत में भीड़ को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. यह सीधे तौर पर मॉब लिंचिंग का मामला है. हमने मृतक का फर्द बयान लिया है और उन सभी लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने इस कृत्य में हिस्सा लिया. दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ”श्याम कुमार मेहता, थानाध्यक्ष, सिंघिया
समाज के लिए चेतावनी
सिंघिया की यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की गिरती मानसिकता का भी परिचायक है. क्या किसी के अतीत का हवाला देकर उसकी जान लेना न्याय है? समस्तीपुर पुलिस अब इस मामले में शामिल ”भीड़ के चेहरों” को बेनकाब करने में जुट गई है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










