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Samastipur News:विभागीय सुस्ती से लागू नहीं हुआ 15 साल पहले बना कोचिंग एक्ट

Updated at : 22 Jun 2025 5:48 PM (IST)
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Samastipur News:विभागीय सुस्ती से लागू नहीं हुआ 15 साल पहले बना कोचिंग एक्ट

पिछले 15 साल पहले बना कोचिंग एक्ट जिले में विभागीय सुस्ती से अब तक लागू नहीं हुआ है.

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Samastipur News:समस्तीपुर : पिछले 15 साल पहले बना कोचिंग एक्ट जिले में विभागीय सुस्ती से अब तक लागू नहीं हुआ है. ऐसे में बिना पंजीयन के ही दर्जनों कोचिंग संस्थान चल रही है. दरअसल जिले में सैकड़ों की संख्या में संचालित कोचिंग संस्थानों में ना तो विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं हैं ना ही विभागीय अफसरों को ही इसकी चिंता है. बता दें कि 15 साल पहले बने कोचिंग एक्ट को लागू करवाने में जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग अभी तक कोई कारगर पहल नहीं कर पाया है. इसका फायदा उठाकर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कोचिंग संस्थानों की बाढ़ सी आ गई है. हर गली मोहल्ले में बिना रजिस्ट्रेशन के ही कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं. बता दें कि बिहार कोचिंग संस्थान नियंत्रण व विनियमन अधिनियम 2010 के तहत क्षेत्र में चल रहे सभी कोचिंग सेंटर को शिक्षा विभाग से निबंधन कराना अनिवार्य है. इसके बावजूद भी नियमों को ताक पर रखकर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में कोचिंग सेंटर बिना निबंधन के चल रहे हैं. साल 2010 में बने अधिनियम के 15 साल बाद भी बिना रजिस्ट्रेशन के ही आए दिन कोचिंग संस्थान खुल रहे हैं. शहर सहित ग्रामीण इलाकों में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित कोचिंग सेंटरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. बीते वर्षों में कोचिंग संस्थानों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विभाग की ओर से पहल की गई थी. असर भी दिखा. करीब तीन दर्जन कोचिंग को मानक पूरा नहीं करने के बावजूद निबंधित किया गया लेकिन नवीनीकरण की प्रक्रिया एक्ट के नियम के तहत नहीं हो सका. इसके बाद शिक्षा विभाग ही सुस्त पड़ गया और फिर कोचिंग सेंटर के निबंधन का मामला ठंडा पड़ गया.

शिक्षा विभाग में दिये गये आवेदन लंबित

कुछ कोचिंग संस्थानों द्वारा शिक्षा विभाग में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया गया. इसके बावजूद विभाग के सुस्त रवैए की वजह से कोचिंग सेंटरों के रजिस्ट्रेशन का मामला फिलहाल ठंडे बस्ते में ही है. कोचिंग सेंटरों के निबंधन का मामला विभाग में लंबित होने के कारण इसका सीधा फायदा कोचिंग संचालकों को हो रहा है. किसी भी तरह का लगाम नहीं लगने के कारण संचालक मनमानी फीस और बिना सुविधा के ही अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं. जिस पर लगाम लगाने की दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है. शहर सहित ग्रामीण इलाकों में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालक कोचिंग सेंटर पर कार्रवाई नहीं होने की वजह से कोचिंग संचालकों के हौसले बुलंद है. तत्कालीन डीईओ ने सभी कोचिंग संस्थान को एक्ट के तहत मानक पूरा करते हुए निबंधन के लिए आवेदन देने को कहा था लेकिन कुछेक को छोड़ कर अधिकांश ने अब तक एक्ट के तहत आवेदन नहीं दिया है. सच यही है कि कोचिंग संस्थानों को निबंधन का निर्देश जारी किए जाने के बाद भी रजिस्ट्रेशन को लेकर ना तो कोचिंग संचालक नहीं विभाग कोई दिलचस्पी ले रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KRISHAN MOHAN PATHAK

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By KRISHAN MOHAN PATHAK

KRISHAN MOHAN PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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